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गाय पर निबंध – Essay on Cow in Hindi

Essay on Cow in Hindi : दोस्तों आज हम ने गाय पर निबंध लिखा है जिस में हमने गाय की विशेषता उसके उपयोग गाय की नस्लें आदि के बारे में चर्चा की है.

अक्सर स्कूल के विद्यार्थियों को परीक्षाओं में Gay Per Nibandh  लिखने के लिए दिया जाता है यह निबंध उन सभी विद्यार्थियों को गाय के ऊपर निबंध लिखने में सहायता करेगा.

गाय पर लिखे गए निबंध की सहायता से कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11 और 12 के विद्यार्थियों को निबंध लिखने में सहायता होगी यह निबंध हमने विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए अलग अलग समय सीमा में लिखा है.

Essay on Cow in Hindi

Get Some Essay on cow in hindi for student under 100, 150, 300 and 700 words.

10 line Essay on Cow in Hindi

1. गाय एक पालतू जानवर है.

2. गाय के एक मुहं और दो कान होते है.

3. गाय के दो बड़ी आंखें होती है.

4. गाय का नाक बड़ा होता है.

5. गाय के एक लंबी पूछ होती है.

6. गाय के चार पैर होते है.

7. गाय के चार थन होते है.

8. गाय का शरीर बड़ा और पीछे से चौड़ा होता है.

9. गाय सुबह शाम स्वादिष्ट दूध देती है.

10. गाय सफेद, काले, भूरे, रंग की होती है.

Best Essay on Cow in Hindi 150 words

गाय हमारी पृथ्वी पर हजारों वर्षों से विद्यमान है. गाय को हिंदू धर्म में मां के समान माना गया है क्योंकि जिस प्रकार हमारी मां हमारा पूरा ख्याल रखती है उसी प्रकार गाय भी हमें स्वादिष्ट दूध देकर हमें हष्ट पुष्ट बनाती है.

गाय एक शाकाहारी जानवर है जिसको आमतौर पर घरों में पालतू पशु के रूप में पाला जाता है. यह बहुत ही शांत किस्म की होती है और हर प्रकार के वातावरण में यह आसानी से ढल जाती है. गाय को खाने में हरी घास, फूल, पत्ते और खल बहुत पसंद है.

गाय के दो सिंग होते है जिनकी सहायता से वह अपनी रक्षा करती है. गाय 1 दिन में 30 से 40 लीटर पानी पी जाती है. गाय के दो बड़े कान होते है. इसका एक बड़ा और चौड़ा मुख होता है.

इसके दो आंखें होती है. गाय के चार पैर और चार थन होते है. इसके एक लंबी पूछ होती है. गाय का शरीर बड़ा और हष्ट पुष्ट होता है.

Gay Per Nibandh / lekh 300 words

गाय पूरे विश्व भर में पाई जाती हैं और इसे पूरे विश्व में एक पालतू जानवर के रूप में ही पाला जाता है. हमारे भारत देश में गाय कोई हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है यहां पर गाय की हत्या करना एक बहुत बड़ा अपराध होता है.

हमारे देश के गांव के लगभग हर घर में गाय को पालतू पशु के रूप में पाला जाता है और इसका दूध निकाल कर बेचा जाता है. गाय बहुत ही सुंदर होती है यह सफेद, काले, भूरे इत्यादि रंगों में पाई जाती है. इसकी कद काठी प्रत्येक देश में अलग प्रकार की देखने को मिलती है.

यह हमेशा शांत रहती है लेकिन जब भी इसको खतरा महसूस होता है तो यह अपने सींगो की सहायता से अपनी रक्षा करती है. इसकी कद काठी बहुत ही सुदृढ़ होती है. गाय एक शाकाहारी पशु है जो कि खाने में हरा चारा खाती है.

यह भी पढ़ें –  बिल्ली पर निबंध – Essay on Cat in Hindi

इसके शरीर पर अन्य जानवरों की अपेक्षा छोटे बाल होते है. गाय की दो बड़ी आंखें होती है. इसकी याददाश्त बहुत अच्छी होती है यह अपने मालिक को एक क्षण में पहचान लेती है. इसके दो बड़े-बड़े कान होते है. इसके चार पैर और एक पूछ होती है.

गाय के एक नाक एक मुंह होता है इसका सर चौड़ा होता है. यह अपने आप को हर प्रकार के वातावरण के अनुसार ढाल सकती है. इसके चार थन होते है जिनसे पोष्टिक दूध निकलता है. गाय के मुंह में ऊपर वाले जबड़े में दांत नहीं होते और इसके नीचे वाले जबड़े में 32 दांत होते है.

गाय भी इंसानों की तरह ही 9 महीने का गर्भ धारण करती है. एक व्यस्क गाय 1 दिन में 30 से 50 लीटर पानी पी जाती है. गाय एक बार चारा खाने के बाद पूरे दिन उसे चबाती रहती है यह 1 मिनट में लगभग 50 बार चबाती (जुगाली) करती है.

Essay on Cow in Hindi 700 words

प्रस्तावना –

गाय एक पालतू पशु है जो कि आमतौर पर सभी जगह पर पाई जाती है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की 2012 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 190 मिलियन गायों की जनसंख्या है. पूरे विश्व भर से ज्यादा गाय हमारे भारत में ही पाई जाती है.

भारत में गाय को सम्मान की नज़रों से देखा जाता है क्योंकि हिंदू धर्म में कहा जाता है कि गाय के अंदर सभी 322 करोड़ देवताओं का वास होता है साथ ही भारत में रहने वाले लोगों ने गाय को मां की संज्ञा दी है. भारत में गाय का बहुत ख्याल रखा जाता है और गाय की पूजा भी की जाती है.

गाय का संबंध भगवान श्री कृष्ण से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि उन्हें गाय बहुत पसंद थी और वे उन्हें खूब प्यार दुलार देते थे.

गाय की रचना –

गाय की रचना वैसे तो सभी देशों में समान ही पाई जाती है लेकिन गाय की कद काठी और नस्ल में फर्क होता है. कुछ गाय अधिक दूध देती हैं तो कुछ कम देते है. गाय का शरीर बहुत बड़ा होता है इसका वजन 720 किलो से भी अधिक होता है.

गाय का शरीर आगे से पतला और पीछे से चौड़ा होता है. गाय के दो बड़े कान होते हैं जिनकी सहायता से वे धीमी धीमी और अधिक तेज आवाज भी सुन सकती है. गाय के दो बड़ी आंखें होती हैं जिनकी सहायता से भी लगभग 360 डिग्री तक देख लेती है.

गाय एक चौपाया पशु है और चारों पैरों में खुर्र होते है जिसकी सहायता से भी किसी वे किसी भी कठोर स्थल पर चल सकती है. गाय का मुंह है ऊपर से चौड़ा और नीचे से पतला होता है. इसके पूरे शरीर पर छोटे-छोटे बाल होते है. गाय के एक लंबी पूछ होती है जिसकी सहायता से वे अपने शरीर पर लगी हुई मिट्टी को हटाती रहती है.

गाय के 4 थन होते हैं और इसकी गर्दन लंबी होती है. गाय के मुंह के सिर्फ निचले जबड़े में 32 दांत पाए जाते है इसीलिए गाय लंबे वक्त तक जुगाली कर के खाने को चबाती है. गाय के एक बड़ी नाक होती है. गाय के दो बड़े सिंग होते है.

गाय का उपयोग –

गाय एक पालतू पशु है इसलिए इसे घरों में पाला जाता है और सुबह शाम इसका दूध निकाला जाता है एक गाय एक समय में 5 से लेकर 10 लीटर दूध देती है कुछ अलग नस्ल की गाय अधिक दूध भी देती है.

पुराने जमाने में गायों को खेतों में हल जोतने के काम में भी लिया जाता था. गाय के दूध से दही छाछ पनीर और अन्य दूध से बनने वाली मिठाइयां बना सकते है.

गाय के गोबर को सुखाकर इंधन के काम में लिया जाता है साथ ही गाय की गोबर का उपयोग खेतों में खाद के रूप में भी प्रयोग किया जाता है.

वर्तमान में लोग गायों का मांस भी खाने लगे है जिसे “बीफ” कहा जाता है. गाय अपने पूरे जीवन भर में कुछ ना कुछ देती ही रहती है. गाय के मरणोपरांत इसकी हड्डियों से कई शिल्प कलाकृतियां बनाई जाती है और इसकी खालको सुखा कर चमड़े के रूप में उपयोग में लिया जाता है.

गाय के गोमूत्र को बहुत पवित्र माना गया है और इसके गोमूत्र को आयुर्वेदिक औषधियों के रूप में उपयोग में लिया जाता है जो कि कई बड़ी बीमारियों को जड़ से खत्म करने में कारगर है.

गाय की नस्लें –

भारत में कई प्रकार की नस्ल की गाय पाई जाती है. जिनमें कुछ अच्छे दूध देने वाली होती है तो कुछ मजबूत शरीर वाली होती हैं जिससे उनके बछड़े भी मजबूत शरीर वाले पैदा होते हैं और उनसे खेतों में हल जोतने के रूप में काम में लिया जाता है.

यह भी पढ़ें –  कौआ पर निबंध – Essay on Crow in Hindi

भारत में पाई जाने वाली गाय की प्रमुख नस्लें – साहीवाल जाति, नागौरी, पवाँर, भगनाड़ी, राठी, मालवी, काँकरेज, सिंधी, दज्जल, थारपारकर, अंगोल या नीलोर इत्यादि है.

उपसंहार –

गाय शांतिप्रिय और पालतू पशु है हमारे भारत में गाय को मां का दर्जा इसीलिए दिया गया है क्योंकि यह में जीवन भर कुछ ना कुछ देती ही रहती है इसलिए हमें इसके जीवन से कुछ सीख लेनी चाहिए और हमेशा अपने जीवन को शांतिपूर्ण तरीके से जीना चाहिए और दूसरे लोगों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए.

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हम आशा करते है कि हमारे द्वारा  Essay on Cow in Hindi  पर लिखा गया निबंध आपको पसंद आया होगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले। इसके बारे में अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

13 thoughts on “गाय पर निबंध – Essay on Cow in Hindi”

It’s my pleasure to connect with you 👍

Aapka easy padh kar bahut khushi hui!

Thank you Usha Thakur

कुछ लोग गोयो को पलते नही बल्की गयौ का करोबार करते है इसके बारे मे भी लिखिए विशेषता तो सबको पता है।

Hum jald hi likhnge

Dhanyawad ye gay ke nibhand ke liy

Dhanyawad Àmåñ Sharma

धन्यवाद निबंध के लिए।

सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद अजोय

gay par egi nibhand

Hame khushi hui aap ko nibandh accha laga, aise hi hindi yatra par aate rahe dhanyawad.

Cow par sab nibandh janta h isko Google pr dalna kya tha!

jaruri nahi hai sabhi ko nibandh likhna aata ho.

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गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) - गाय पर निबंध 100 शब्दों में यहाँ देखें

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गाय भारत का एक महत्वपूर्ण पशु है। हिंदू धर्मावलंबियों के लिए यह पूज्यनीय है और इसे गौ माता की संज्ञा दी गई जाती है। जब मुद्रा प्रचलन में नहीं हुआ करती थी तो वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान के लिए गायों का प्रयोग होता था। कृषि प्रधान भारतीय अर्थव्यवस्था में गायों काो सदैव प्रमुख स्थान रहा है। यही वजह है कि छोटी कक्षाओं के छात्रों के अंदर गाय को लेकर जागरूकता हो, इस सोच के साथ उन्हें गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) लिखने के लिए प्रेरित किया जाता है।

गाय पर निबंध (Hindi Essay on Cow) - गाय पर निबंध 100 शब्दों में (100 Words Essay On Cow)

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गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) - गाय पर निबंध 100 शब्दों में यहाँ देखें

कई बार परीक्षा में भी महत्वपूर्ण अंकों के लिए गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) लिखने से संबंधित प्रश्न स्कूली छात्रों से पूछे जाते हैं। साथ ही कई ऐसे भी छात्र होते है जिनकी हिंदी विषय पर पकड़ बेहद कमजोर होती है, ऐसे में उन्हें गाय पर निबंध हिंदी में (Essay on Cow in hindi) लिखने में परेशानी महसूस हो सकती है। वहीं कइयों को निबंध लिखने से संबंधित प्रारूप की सटीक जानकारी नहीं होती है, ऐसे में उनके लिए गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) लिखना एक कठिन कार्य बन जाता है।

यदि आप ऊपर बताए गए किसी भी कारण की वजह से गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) ऑनलाइन तलाश रहे हैं, तो ऐसा समझ लीजिए कि आज आपकी यह तलाश खत्म हो गई है क्योंकि आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। गाय पर निबंध (gaay par nibandh) विशेष इस लेख की सहायता से न सिर्फ आपको गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) लिखने में सहायता मिलेगी, बल्कि इस लेख के माध्यम से आप अन्य किसी भी लेख को लिखने के तरीके को भी जान व समझ सकते हैं। हालांकि हम आपसे अनुरोध करते हैं कि गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) विशेष इस लेख को पूरी तरह से कॉपी करने से बचें। इसकी जगह पर आप गाय पर निबंध (Cow Essay in hindi) को लिखने के तरीके व मर्म को समझकर स्वयं ही गाय पर हिंदी में निबंध (Essay on Cow in hindi) लिखने की कोशिश करें। इससे आपको जीवन में फिर कभी किसी लेख को लिखने में समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अन्य लेख पढ़ें-

  • मेरा पालतू कुत्ता निबंध
  • गुरु नानक जयंती
  • दिवाली पर निबंध

गाय भारत के एक बेहद महत्वपूर्ण पशु में से एक है जिस पर न जाने कितने ही लोगों की आजीविका आश्रित है क्योंकि गाय के शरीर से प्राप्त होने वाली हर वस्तु का उपयोग भारतीय लोगों द्वारा किसी न किसी रूप में किया जाता है। न सिर्फ आजीविका के लिहाज से, बल्कि आस्था के दृष्टिकोण से भी भारत में गाय एक महत्वपूर्ण पशु है क्योंकि भारत में मौजूद सबसे बड़ी आबादी यानी हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए गाय आस्था का प्रतीक है। यही वजह है कि गाय भारत में अन्य पशुओं के मुक़ाबले एक विशेष स्थान रखती है।

गाय हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण जानवरों में से एक हैं। उसे देवी स्वरूप में पूजा जाता है और यह कई हिंदू अनुष्ठानों और समारोहों का अभिन्न व महत्वपूर्ण हिस्सा है। गायों को एक ऐसे पशु के रूप में भी देखा जाता है जो हमें दूध, मक्खन, घी आदि प्रदान कर सकता है। यहां इस लेख में गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) के कुछ उदहारण दिए गए हैं जिनकी सहायता लेकर आप गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) सहित अन्य निबंधों को भी आसानी से लिख सकते हैं।

गाय एक पालतू पशु है। सभी पशुओं में गाय को सबसे भोली तथा दयालु जानवर माना जाता है। गाय एक चौपाया जानवर है। इसकी एक नाक, एक मुँह, दो आँखें, दो कान तथा दो सींग होते हैं। यह एक शाकाहारी जानवर है। ये मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी हैं। गायें हमें दूध देती हैं जो हमारे भोजन में पौष्टिक आहार का एक प्रमुख श्रोत है। गाय दुनिया भर में दूध की प्राथमिक स्रोत है। गायों से मिलने वाले दूध के कारण हम स्वस्थ और मजबूत रहते हैं। दूध विभिन्न बीमारियों की रोकथाम सहित हमें कई और स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। साथ ही यह हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है। दूध से कई और उत्पाद बनाए जाते हैं, जिनमें मक्खन, मिठाई, दही, पनीर, खोया आदि प्रमुख हैं।

यह भी पढ़ें -

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  • इंजीनियर कैसे बन सकते हैं?

भारत की बहुसंख्यक आबादी हिंदू धर्म में आस्था रखती है। हिंदू धर्म में गायों को एक पवित्र पशु का दर्जा प्राप्त है। हिन्दू धर्म के अनुयायियों के अनुसार गाय देवी स्वरूप है तथा पूजनीय है। यहाँ तक कि हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। इस वजह से, लोग अक्सर गाय को "गौ माता" के रूप में भी संबोधित करते हैं। हिंदू अनुयायी गौहत्या को पाप मानते हैं। हालांकि, बहुसंख्यकों के आस्था का प्रतीक होने के बावजूद भी कई गायें भारत में ऐसी भी हैं, जो बेहद बुरी परिस्थितियों में रह रही हैं। कई गायों को काम का ना रहने पर सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है, जिसकी वजह से वे कई बार दुर्घटनाओं व बीमारियों की चपेट में आ जाती हैं और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है। हालांकि भारत में आजकल कई ऐसे समूह हैं जिनका ध्यान केवल गौ रक्षा पर ही है। वे गायों को नुकसान से बचाने का प्रयास करते रहते हैं, पर इसके बावजूद भी भारत में गायों की जमीनी हकीकत बेहद जुदा है। इसके अलावा, गायों को किसी भी अन्याय से बचाने के लिए सरकार की तरफ से भी काफी सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इनकी रक्षा के लिए सरकार के अलावा भी कई लोग गठबंधन बनाकर सकारात्मक दिशा में काम रहे हैं।

उपयोगी लिंक्स -

  • भारत की टॉप यूनिवर्सिटी
  • टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज
  • नीट के बिना मेडिकल कोर्स

गाय के दूध का उपयोग दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ और घरेलू सामान के उत्पादन के लिए किया जाता है। गाय के दूध का उपयोग दही, मट्ठा, पनीर, घी, मक्खन, विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ, खोया, पनीर आदि जैसे उत्पादों की एक पौष्टिक एवं विशाल खाद्य श्रृंखला के निर्माण के लिए किया जाता है। पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान रहने वाले रोगी भी गाय के दूध का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इसे बेहद सुपाच्य खाद्य पदार्थ माना जाता है। गाय का दूध हमें शारीरिक रूप से मजबूत और पोषित करता है। यह तक कि यह हमें कई तरह की बीमारियों और संक्रमणों से भी बचाता है। यह रोग के खिलाफ हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। लोग गाय के गोबर का उपयोग वास्तव में एक समृद्ध उर्वरक के रूप में करते हैं। यह ईंधन और बायोगैस का भी एक बेहतरीन उत्पादक है। गाय के गोबर का उपयोग कीट विकर्षक के रूप में भी किया जाता है। लोग इसका उपयोग भवन निर्माण सामग्री और कागज बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में भी करते हैं। आयुर्वेद में गौमूत्र का उपयोग भी कई तरह की बीमारियों के उपचार में किया जाता रहा है।

महत्वपूर्ण लेख :

  • गणतंत्र दिवस पर भाषण
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हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए गाय सबसे महत्वपूर्ण जानवरों में से एक हैं। इन्हें बेहद पवित्र माना जाता है और अक्सर इन्हें विशेष सम्मान भी दिया जाता है। गाय अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी एक महत्वपूर्ण जानवर है। इसकी वजह से हमें दूध, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद प्राप्त होते हैं। हालांकि, भारत में गायों के प्रति मानवीय संवेदना का बड़ा महत्व है। वे सभी लोग जो गौपालक हैं, उनसे उम्मीद की जाती है कि वे गायों के खानपान का अच्छी तरह से ध्यान रखें और साथ ही उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। गाय ना सिर्फ पवित्र प्राणियों के रूप में पूजनीय है, बल्कि उनका आर्थिक महत्व भी बहुत अधिक है। ये हमें दूध, मक्खन, घी, दही और पनीर प्रदान करती है। इनका उपयोग खेतों की जुताई और माल के परिवहन के लिए भी किया जाता है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में भारत में 300 मिलियन से अधिक गायें रह रही हैं। गाय अपने धार्मिक महत्व के अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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गाय हिंदू धर्म के अनुयायियों के बीच सबसे अधिक पाले जाने वाले जानवरों में से एक हैं और साथ ही उन्हें पवित्र भी माना जाता है। हिंदुओं का मानना है कि गाय समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। गाय को धरती माता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है और इसे देवी के रूप में पूजा जाता है। गायों को भोजन और आय के स्रोत के रूप में भी देखा जाता है और उनके प्रति मानवीय व्यवहार अपेक्षित है। गाय कई हिंदुओं की आजीविका के लिए आवश्यक है और वह कई हिंदू समारोहों और अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। गायों के साथ कभी भी दुर्व्यवहार या उन्हें किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए, क्योंकि उन्हें पवित्र प्राणी के रूप में देखा जाता है। हिंदुओं का मानना है कि गाय को नुकसान पहुंचाना धरती माता को नुकसान पहुंचाने के समान है। इसलिए, हिंदू धर्म के अनुयायी गायों की बेहद देखभाल और उनका अत्यंत सम्मान करते हैं।

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अफसोस की बात है कि सभी गायों के साथ मानवीय व्यवहार नहीं किया जाता है। कई गायें बेहद तंग और गंदी परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। वे अक्सर कुपोषित और निर्जलित होती हैं। उनके बछड़ों को जन्म के कुछ ही समय बाद ही उनसे छीन लिया जाता है, जिससे उन्हें बहुत कष्ट होता है। कभी-कभी, मांस के लिए उनका क्रूर तरीकों से कत्ल भी किया जाता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम गायों के साथ दया और सम्मान के साथ व्यवहार करें। भारत में गायों के प्रति मानवीय व्यवहार एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। डेयरी उत्पादों, मांस और चमड़े के लिए उनका लगातार शोषण किया जाता है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास जीवन की गुणवत्ता अच्छी हो और उन्हें किसी भी तरह की अनावश्यक पीड़ा को ना उठाना पड़े। हिंदुओं का मानना है कि गायों का सम्मान और देखभाल करना महत्वपूर्ण है। भारत में कई ऐसे कानून हैं जो गायों को दुर्व्यवहार से बचाते हैं।

जहां गाय को हिंदू धर्म में सभी जानवरों के बीच उच्च स्थान प्राप्त है, वहीं वे आर्थिक तौर से भी काफी विशेष मानी जाती हैं। गायें दूध, मक्खन और घी जैसे डेयरी उत्पाद की प्राथमिक स्रोत है, जो भारत में दैनिक आहार का मुख्य हिस्सा है। गायों से प्राप्त होने वाले डेयरी उत्पाद भारत में कई परिवारों के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत है। इसके अलावा, गायों से प्राप्त गोबर का उपयोग खाद बनाने के लिए किया जाता है, जो फसलों के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक खाद है। गायों के चमड़े का उपयोग जूते, बेल्ट और अन्य सामान बनाने के लिए भी किया जाता है जिसकी दुनिया भर में मांग है।

हम उम्मीद करते हैं कि गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) विशेष इस लेख से गाय पर निबंध (Essay on Cow in hindi) से संबधित आपकी सभी समस्याओं का सामाधान हो गया होगा। गाय पर निबंध (gaay par nibandh) के अलावा अन्य महत्वपूर्ण निबंधों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

गाय के बारे में निबंध कैसे लिखा जाता है?

इस लेख में गाय पर निबंध के बारे में जानकारी दी गई है। छोटे बच्चों के लिए निबंध की शुरुआत इस प्रकार की जा सकती है। गाय एक सौम्य घरेलू जानवर है जिसे बहुत से लोग अपने खेतों में पालते हैं। ये जानवर अपने शांतिपूर्ण स्वभाव के लिए जाने जाते हैं और इन्हें अक्सर विभिन्न कारणों से पाला जाता है। गाय के चार पैर और बड़ा शरीर होता है। उनके दो सींग, दो आंखें, दो कान, एक नाक और एक मुंह होता है।

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गाय पर निबंध – 10 Lines (Cow Essay in Hindi) 100, 200, 250, 300, 400, शब्दों में

the cow essay 20 lines in hindi

Essay on Cow in Hindi – भारत जैसे मुख्य रूप से कृषि अर्थव्यवस्थाओं में, गायों को उनकी उत्पादकता के लिए सम्मानित किया जाता है, और हिंदू अपनी गायों को एक मां के बराबर सामाजिक दर्जा देते हैं। गाय के गोबर का प्रयोग अक्सर धार्मिक पूजा में किया जाता है।

ग्रामीण भारत में, गाय दूध और गोबर को ईंधन के रूप में देकर परिवार की आय और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करती हैं। गाय अपनी शुरुआत से ही मानव सभ्यता का एक अभिन्न अंग रही हैं। रखरखाव लागत और उच्च उत्पादन मूल्य ने गायों को मनुष्य के सबसे पसंदीदा पशुओं में से एक बना दिया है।

गाय निबंध 10 पंक्तियाँ (Best 10 Lines on Cow Essay)

  • 1) गाय भारत में लगभग 30 नस्लों की एक घरेलू जानवर है।
  • 2) गाय बहुत शांत होती हैं और पवित्र भी मानी जाती हैं।
  • 3) गाय एक शाकाहारी जानवर है जो हरी घास और चारा खाती है।
  • 4) एक गाय के चार पैर होते हैं और वह काली, भूरी या सफेद हो सकती है।
  • 5) गाय के बच्चों को बछड़ा कहा जाता है।
  • 6) गाय हमें दूध देती है जिसका उपयोग कई दुग्ध उत्पाद बनाने के लिए किया जाता है।
  • 7) गाय का दूध कैल्शियम से भरपूर होता है।
  • 8) गाय बहुत आवश्यक जानवर हैं जो मनुष्य के जीवन का समर्थन करते हैं।
  • 9) गाय के गोबर का उपयोग गांवों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
  • 10) भारत में गायों को माता के रूप में पूजा जाता है।

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गाय पर निबंध 100 शब्दों में (Short Essay on Cow in 100 Words)

गाय हमारी माता हे। यह सबसे महत्वपूर्ण घरेलू जानवर है। यह हमें दूध नामक एक बहुत ही स्वस्थ और पौष्टिक भोजन देता है। यह एक पालतू जानवर है, और कई लोग इसे कई उद्देश्यों के लिए अपने घरों में रखते हैं। यह दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाने वाला जंगली जानवर नहीं है। गाय को हर कोई मां की तरह सम्मान देता है। भारत में प्राचीन काल में गाय को देवी के रूप में पूजा जाता रहा है। भारत में लोग उन्हें धन लक्ष्मी के रूप में घर लाते हैं। गाय को सभी जानवरों में सबसे पवित्र जानवर माना जाता है। यह आकार, आकार, रंग आदि में भिन्न कई किस्मों में पाया जाता है।

गाय पर निबंध 200 – 250 शब्दों में (Cow Essay in 250 Words)

पृथ्वी पर कुछ जानवर गायों के समान महत्वपूर्ण हैं। हजारों वर्षों से मनुष्य द्वारा उनका नामकरण और उपयोग किया जाता रहा है। हम मुख्य रूप से अपने भोजन के लिए उन पर निर्भर हैं। कुछ देशों में, लोग गाय के मांस को भोजन के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में उपयोग करते हैं। गाय मादा मवेशी हैं, और उनके नर समकक्षों को बैल के रूप में जाना जाता है। वे घरेलू, गोजातीय जानवर हैं जो पौधों को खाते हैं। गाय का औसत आकार और रंग उसकी नस्ल के प्रकार पर निर्भर करता है। गायों की कई नस्लें होती हैं। जिनमें से कुछ जर्सी की तरह अधिक लोकप्रिय हैं। गायों की दुग्ध उत्पादन क्षमता भी उनकी नस्ल पर निर्भर करती है।

बड़ी गायें अधिक दूध देती हैं, लेकिन यह हमेशा सच नहीं होता है। गायों में चरने की उत्कृष्ट क्षमता होती है। इसके कारण, कुछ संरक्षित घास के मैदानों को एंटी-चराई क्षेत्र घोषित किया गया है। वयस्क गायों के 32 दांतों का एक सेट होता है। एक परिपक्व गाय में कोई ऊपरी स्तर के कृन्तक या कुत्ते नहीं होते हैं। उनके दांतों में चंद्रमा के आकार की लकीरों के साथ चिकनी सतह होती है जिन्हें विशेष रूप से एक शाकाहारी जीवन शैली के लिए डिज़ाइन किया गया है। गायें अपना भोजन हर समय चबाती हैं। वे इसे फिर से ठीक से चबाने के लिए अपनी आंत से निकाल भी सकते हैं।

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गाय पर निबंध 300 – 400 शब्दों में (long Essay on Cow in 300 Words)

Essay on Cow in Hindi – गाय एक शाकाहारी जानवर है जिसका अर्थ है कि यह केवल शाकाहारी भोजन जैसे हरी पत्ते, पत्तेदार सब्जियां, पौधे, रोटी और भारतीय चपाती खाती है। इस जानवर के दो सींग, चार पैर, एक नाक और दो कान और एक बड़ी पूंछ होती है। गाय एक ऐसा जानवर है जिसे पालतू बनाया जा सकता है।

लोग गायों को अपने घरों में रखते हैं क्योंकि मवेशी उन्हें कई उपोत्पाद प्रदान करते हैं। उन उपोत्पादों में प्रमुख है इसका दूध। वे अन्य डेयरी उत्पादों का स्रोत भी देते हैं। दूध के किण्वन से हम दही, दही, पनीर, पनीर और कई अन्य डेयरी उत्पाद प्राप्त कर सकते हैं।

गाय एक हानिरहित और शांत जानवर है। गाय चार पैरों वाला जानवर है। गाय एक ऐसा जानवर है जो पर्यावरण को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। गाय के गोबर का उपयोग खाद के रूप में मिट्टी को उर्वरित करने और बायोगैस और ईंधन का उत्पादन करने के लिए किया जाता है। यह एक कीट विकर्षक भी है।

गाय का गोबर एक प्राकृतिक उर्वरक है और इसका उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। गाय का दूध एक बहुत ही स्वस्थ पेय है जो किसी व्यक्ति की वृद्धि और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है। हिंदू धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया जाता है इसलिए लोग इसे ‘गौ माता’ कहते हैं।

भारतीय समाज में लोग गायों को भगवान की तरह मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। शुरू से ही गायों की पूजा की जाती है। यह भी माना जाता है कि एक गाय में लाखों देवता निवास करते हैं, यह भगवान का ही दूसरा रूप है। गाय हमें बहुत सी स्वस्थ चीजों का आशीर्वाद देती हैं।

इसके मूत्र में कई रोगों को दूर करने की क्षमता होती है। कुछ क्षेत्रों के लोग अभी भी सुबह गाय का मूत्र पीने और बेहतर दृष्टि के लिए अपनी आंखों में कुछ बूंद डालने के आदी हैं क्योंकि यह आंखों की समस्याओं और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण या एलर्जी को ठीक करने के लिए जाना जाता है।

गाय के गोबर को जलाना भी एक क्षेत्र में मौजूद जीवाणुओं को मारने के लिए एक अच्छी बात मानी जाती है। गाय का चमड़ा सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला चमड़ा है जिसका उपयोग बेल्ट और सीट जैसे उत्पाद बनाने के लिए किया जाता है। हमें गायों का हर तरह से सम्मान करना चाहिए और उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए क्योंकि वे निस्वार्थ भाव से हमें ऐसे उत्पाद प्रदान करती हैं जो न केवल हमारे लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद हैं।

भारत के लोग गायों को सब्जी का आवरण, बासी रोटी और रोटियाँ देते हैं। गाय का दूध पीना एक बहुत ही स्वस्थ चीज है क्योंकि यह विकास को उत्तेजित करता है और स्वास्थ्य में सुधार करता है। 

Cow Essay पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाय में गर्भधारण की अवधि कितनी होती है.

गायों का गर्भकाल नौ महीने का होता है।

भारत के किस राज्य में गायों की आबादी सबसे अधिक है?

भारत में मध्य प्रदेश राज्य में गायों की आबादी सबसे ज्यादा है।

गाय की कौन सी नस्ल दुनिया में सबसे ज्यादा दूध देने वाली नस्ल है?

गाय की होल्स्टीन फ्राइज़ियन नस्ल दुनिया में सबसे अधिक दूध देने वाली नस्ल है।

क्या गाय चेहरे को पहचान सकती हैं?

हां, उनके पास याद रखने की अच्छी शक्ति होती है इसलिए वे चेहरों को पहचान सकते हैं।

गायों को कब पालतू बनाया गया?

गायों को 10000 साल पहले जंगली प्रजाति ‘ऑरोच’ से पालतू बनाया गया था।

गायें क्या खाती हैं?

गायें घास खाती हैं, लेकिन चरते समय वे छोटे-छोटे कीड़ों को भी खूब खाती हैं

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Updated On: June 13, 2024 03:00 pm IST

गाय पर हिंदी में निबंध (Essay on Cow in Hindi)

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गाय पर हिंदी में निबंध

500 शब्दों में गाय पर निबंध (Essay on Cow in 500 Words)

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गाय पर निबंध | Essay On Cow In Hindi

Essay On Cow In Hindi गाय पर निबंध : भारतीय संस्कृति में गौ का बड़ा महत्व माना गया हैं इन्हें प्राणी न मानकर माँ का दर्जा प्राप्त हैं. हिन्दू मान्यता के अनुसार गाय के शरीर के विभिन्न हिस्सों में तैतीस कोटि देवी देवताओं का वास होता हैं.

आज के 5, 10 लाइन, 100, 200, 300, 400, 500 शब्दों में गाय का निबंध  को आप गाय पर छोटा बड़ा हिन्दी निबंध के रूप में याद कर सकते हैं.

गाय पर निबंध Essay On Cow In Hindi

This Article is Written To Each Guy Who wants To Detail, About Essay On Cow In Hindi. Most Important For Our Student Friends Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 And For 12th Student Can Use This  Essay For Speech OR Discovery Details About Indian Cow.

The cow (gaay) is an important domestic pet animal. It’s found all over the world. in India (the Hindus religion follower) called the cow’ as the mother. this short and big-length Essay On Cow In Hindi And English is helpful for students.

mostly in our exams asked about cow essay writing questions comes always. this cow essay will help you to write a better article on a cow in your own language.

the cow is a domestic animal. it is very useful to us. it gives us milk. motherless babies are given cow’s milk. her milk is a complete diet.

we call the cow ”our mother”. the leather of the dead cow is useful also. she is a four-footed animal. she has two horns. her tail is long. she keeps files away with her tail. she has four teeth for milling. in order to get pure aid fresh milk, it is better to keep a cow.

her calves become bullocks. they plow our fields. butter, curd, and sweets are made from cow’s milk. cow’s milk is a perfect diet. she eats grass and hay. sick persons are fed on her milk. cow dung is good manure for agriculture.

Essay On Cow In English For Class 1:  Dear Students it is a Very Good Idea to Check Essay On Cow In English For Class 1 for children and kids students they read in class first.

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Essay On Cow In English

in all pet Animals, the cow is the most important in India. according to the Hindu faith, they called the mother to the cow.  tells you why Hindus called mother or maa to cow, what is uses or importance of Indian cow.

The cow is a very versatile animal of great importance in scientific and spiritual terms. Science has also accepted the importance of the cow.  Cow’s milk is considered an elixir. In India, the cow is considered a sacred animal.

Hundreds of Hindus worship in India. The biggest feature of the cow is that it gives many things to mankind, instead of asking for anything. Many families spend their livelihoods selling cow’s milk and ghee.

Religious significance: Tea-festival of Hindus is not complete without ghee. At the Teej festival, the house is leaked from cow’s dung. The idols of the deities are seated on it. Many people consider cow’s philosophy auspicious before doing some urgent work.

At the same time, Cow’s dung has been considered very useful for cultivation. Due to the milk-giving and milk properties like cow’s nectar, it has been considered as earthly mother’s worship. That is why the cow is called cow mother.

Apart from this, the Kunda made from cow dung in villages is used as fuel. It is very sad that with the development of technology we are forgetting the importance of cows.

A cow has also had great importance in the life of Lord Krishna. Krishna’s childhood has passed between the Guawans. They used to call them Govinda and Gopal, which means the guards and friends of cows.

Cow’s milk is very useful for children and patients. The cow is cool with nature. The cow has a very big body. It has four legs, two horns, and one long tail.

It has two ears People in India worship the cow. There is a lot of hair in the lower part of the cow’s tail.

Which are of many colors, in which there is black, brown and white hair with red color. There are bus teeth in the lower part of the cow’s jaw. The cracks of his feet are different.

There are many types of cows. There are many types of cows on the basis of color also. If there is some black then some white, some cows are of red and mixed colors.

The cow is found in almost every country in the world. In every country, the cow is different depending on size and length width.

The wild cow lives in the forest. The cow eats grass and leaves. He gives birth to a calf or calf at a time.

She loves her bull very much. The cow also starts to chew with its mouth. The cow gives milk, which makes curd, cheese, butter, and many types of desserts. We should take care of such cute animals.

Short Essay On Cow In Hindi गाय पर निबंध

गाय एक पालतू जानवर है। यह हमारे लिए बहुत उपयोगी है। गाय हमें दूध देती है। नन्हें बच्चों के लिए गाय का दूध सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें सभी पोषक तत्व विद्यमान रहते है।

हम गाय को ‘हमारी मां’ कहते हैं। मृत गाय का चमड़ा भी उपयोगी है। वह चार पैर वाला जानवर है। उसके दो सींग हैं। उसकी पूंछ लंबी है। गाय मच्छर व् मक्खियों को अपनी पूंछ द्वारा दूर करती है, यह अपने चार बड़े जबड़ों की मदद से जुगाली करती है।

गाय का ताजा दूध पौष्टिक होता है. बीमार से लेकर एकदम स्वस्थ व्यक्ति के लिए यह दूध बहुत फायदेमंद है।

गाय का बछड़ा बड़ा होने पर बैल के रूप में भार ढ़ोने व कृषि के रूप में हल चलाने के काम आता है. गाय के दूध से दही, घी, मक्खन, पनीर, मिठाई व मावा बनाए जाते है. इसलिए गाय का दूध पौष्टिक आहार है, जिनमें भोजन के लिए आवश्यक सभी तत्व व विटामिन उपलब्ध हो जाते है.

गाय घास चरती है, एक अच्छी नस्ल की गाय ३०-४० लीटर दूध प्रतिदिन देती है. गाय के गोबर को देशी खाद के रूप में उपयोग में लाया जाता है.

मेरी गाय मेरा प्रिय पशु है. सभी पालतू पशुओं में गाय का अत्यधिक महत्व है. हमारे देश में गाय को माता की तरह मानते है. गाय का स्वभाव सरल होता है.

पालतू जानवरों में यह सबसे अधिक भोली और समझदार होती है. इसके एक लम्बी पूछ, चार पैर, दो सींग, दो कान, दो आँखे और चार थन होते है.

गाय काली, सफेद, भूरी, लाल चितकबरी आदि रंग की होती है. गाय घास, खल, चारा आदि खाती है. गाय हमे दूध देती है. गाय का दूध मीठा और ताकतवर होता है.

इससे दही घी, मक्खन, मावा आदि बनते है. इसके गोबर से खाद बनती है. गाय के बछड़े बड़े होकर बैल बनते है जो खेती के काम में सहायक होते है. इस तरह गाय अत्यंत उपयोगी पशु है.

1500 शब्द गाय पर निबंध (कक्षा 11,12 के लिए)

गाय मनुष्य को ज्ञात सबसे उपयोगी जानवरों में से एक है। इसने हजारों वर्षों तक मनुष्य की सेवा की है। यह बहुत शांत, शांत जानवर है। इसे गुस्सा बहुत कम ही आता है।

एक बैल का सबसे बड़ा उपयोग यह है कि वह हमें दूध देता है। ताजा दूध हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। हम इसे सादा या कुछ स्वादों को जोड़कर पी सकते हैं। हम इससे कई चीजें भी बना सकते हैं जैसे मक्खन, घी, आइस-क्रीम, मिठाई और कई अन्य चीजें।

एक गाय का दूसरा उपयोग यह है कि इसका उपयोग खेतों तक एक कुदाल को खींचकर किया जा सकता है। अब-भारत में कुछ किसान इस काम के लिए बैल का उपयोग करते हैं।

बैलगाड़ी खींचने के लिए भी गायों का उपयोग किया जाता है। वे काफी तेज दौड़ सकते हैं और उनके बाद भारी भार भी खींच सकते हैं। वे बहुत धैर्यवान जानवर हैं और थके होने के बाद भी कड़ी मेहनत करते हैं।

एक गाय ज्यादातर घास पर रहती है। इसे अच्छी तरह से खिलाया जाना है। तभी यह बहुत सारा दूध देती है। हमें गायों के प्रति बहुत दयालु होना चाहिए, क्योंकि वे बहुत उपयोगी हैं, नम्र जानवर हैं और हमें कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

हमें उन्हें कभी भी हरा नहीं करना चाहिए और न ही किसी भी तरह से उन्हें पीड़ा पहुंचानी चाहिए। एक बछड़े को हमेशा अपनी मां के साथ रहने की अनुमति होनी चाहिए। उन्हें अलग नहीं किया जाना चाहिए।

गायों को उनके मांस के लिए भी मार दिया जाता है। उन्हें बहुत अधिक चारा दिया जाता है और जब वे मोटे होते हैं तो उन्हें मार दिया जाता है। भारत में बहुत से लोग मांस खाना पसंद नहीं करते हैं। वे इसे गाय को चोट पहुंचाना पाप मानते हैं।

गोबर को सूखने के बाद ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है। चमड़े का सामान गाय की खाल से बनाया जाता है। इस प्रकार गायें मनुष्य के लिए बहुत उपयोगी साबित हुई हैं।

उन्हें भारत में पवित्र जीव के रूप में सम्मानित किया जाता है और उनकी पूजा भी की जाती है। आइए हम इन कोमल जानवरों के साथ दयालुता से पेश आएं।

गाय के दूध में क्या कितना

  • प्रोटीन्स- 4.0 प्रतिशत
  • कार्बोहाइड्रेट- 4.0 प्रतिशत
  • उर्जा (कैलोरी) – 6.5 प्रतिशत
  • पानी- 87.3 प्रतिशत
  • वसा- 4.0 प्रतिशत
  • खनिज( मिनरल्स)- 0.7 प्रतिशत

गावो विश्वस्य मातर: अर्थात गाय विश्व की माता है, सूर्य, वरुण, वायु आदि देवताओं को यज्ञ होम में दी हुई आहुति से जो खुराक पुष्टि मिलती है, वह गाय के घी से ही मिलती है.

होम में गाय के घी की ही आहुति दी जाती है, जिससे सूर्य की किरने पुष्ट होती है. किरणों के पुष्ट होने से वर्षा होती है और वर्षा से सभी प्रकार के अन्न, पौधे, घास आदि पैदा होते है, जिससे सम्पूर्ण स्थावर- जंगम, चर, अचर प्राणियों का भरण पोषण होता है.

हिन्दुओं के गर्भाधान, जन्म, नामकरण आदि जितने भी संस्कार है, उन सब में गाय के दूध, घी, गोबर आदि की मुख्यता होती है. द्विजातियों को जो यज्ञोपवीत दिया जाता है उसमे गाय का पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोबर और गौमूत्र) का सेवन कराया जाता है.

यज्ञोपवीत संस्कार होने पर वे वेद पढ़ने के अधिकारी होते है, जहाँ विवाह संस्कार होता है, वहाँ भी गाय के गोबर का लेप करके शुद्धि करते है. विवाह के समय गोदान का विशिष्ट महत्व है.

पुराने जमाने में वाग्दान (सगाई) के बैल दिया जाता था. जननाशौच और मरणाशौच मिटाने के लिए गाय का गोबर और गोमूत्र ही काम में लिया जाता है, क्योकि गाय के गोबर में लक्ष्मी का गोमूत्र में गंगाजी का निवास है.

जब मनुष्य बीमार हो जाता है, तब उसको गाय का दूध पीने के लिए देते है, क्योकिं गाय का दूध तुरंत बल, शक्ति देता है. अगर बीमार मनुष्य को अन्न भी न पचे तो उसके पास गाय के घी और खाद्य पदार्थों की अग्नि में आहुति देने पर उसके धुंए से उसको खुराक मिलती है. जब मनुष्य मरने लगता है तब उसके मुह में गंगाजल या गाय का दही देते है.

इसका कारण यह है कि कोई मनुष्य यात्रा के लिए रवाना होता है तो उसे गाय का दही देना मांगलिक होता है, जो सदा के लिए यहाँ से रवाना हो रहा है उसको गाय का दही अवश्य देना चाहिए जिससे परलोक में उसका मंगल हो. अंत काल में मनुष्य को जैसे गंगाजल देने का महात्म्य है, वैसा ही महात्म्य गाय का दही देने का है.

वैतरणी से बचने के लिए गोदान किया जाता है. श्राद्ध कर्म में गाय के दूध की खीर बनाई जाती है, क्योकि पवित्र होने से इस खीर से पितरों को अधिक तृप्ति होती है. मनुष्य, देवता पितर आदि सभी को गाय के दूध घी आदि से पुष्टि मिलती है. अतः गाय विश्व की माता है.

गाय के अंगो में सम्पूर्ण देवताओं का निवास बताया जाता है. गाय की छाया भी बड़ी शुभ मानी गई है. यात्रा के समय गाय या सांड दाहिने आ जाए तो शुभ माना जाता है.

और उसके दर्शन से यात्रा सफल हो जाती है.गाय के शरीर का स्पर्श करने वाली हवा भी पवित्र होती है. उसके गोबर गोमूत्र भी पवित्र होते है. जहाँ गाय बैठती है, वहां की भूमि पवित्र होती है, गाय के चरणों की रज (धूल) भी पवित्र होती है.

गाय से अर्थ, काम और मोक्ष इन चारो की सिद्धि होती है. गोपालन से, गाय के दूध, घी, गोबर आदि से धन की वृद्धि होती है. कोई भी धार्मिक कृत्य गाय के बिना नही होता है.

सम्पूर्ण धार्मिक कार्यों में गाय का दूध, दही, घी, गोबर काम में आता है, कामनापूर्ति के लिए किये जाने वाले यज्ञों में भी गाय का घी काम आता है.

बाजीकरण आदि प्रयोगों में गाय के दूध और घी की मुख्यता रहती है. निष्काम भाव से गाय की सेवा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. गाय की सेवा करने मात्र से अंतकरण निर्मल होता है. भगवान श्रीकृष्ण ने भी नगे पाँव गायो को चराया था. जिससे उनका नाम गोपाल पड़ा.

प्राचीनकाल में ऋषिलोग वन में रहते हुए अपने पास गाये रखा करते थे. गाय के दूध घी का सेवन करने से उनकी बुद्धि बड़ी विलक्षण हुआ करती थी,

जिससे वे बड़े बड़े ग्रंथो की रचना किया करते थे. आज कल तो उन ग्रंथो को तो ठीक ठाक समझने वाले भी कम है. गाय के दूध घी से दीर्घायु होते थे.

गाय के घी का एक नाम आयु भी है. बड़े बड़े राजा लोग उन ऋषियों के पास आते थे और उनकी सलाह से राज्य चलाते थे. गाय इतनी पवित्र है कि देवताओं ने भी अपना निवास स्थान बनाया है. जिसका गोबर और गोमूत्र इतना पवित्र है, फिर वह स्वयं कितनी पवित्र होगी.

एक बार गाय का पूजन करने से सब देवताओं का पूजन हो जाता हैं जिससे सब देवताओं को पुष्टि मिलती है. पुष्ट हुए देवताओं के द्वारा सम्पूर्ण सृष्टि का संचालन, पालन, रक्षण होता है.

गां च स्प्रश्ती यों नित्यं स्नातों भवति नित्यशः अतो मर्त्यः प्रपुष्टस्तु सर्वपापै: प्रमुच्यते गवां रज: खुरोभ्दूत शिरसा यस्तु धारयेत् स च तीर्थजले स्नातः सर्वपापै: प्रमुच्यते

जो मनुष्य प्रतिदिन गौ का स्पर्श करता है, वह प्रतिदिन तीर्थ में स्नान करने का फल प्राप्त करता है. गौ के द्वारा मनुष्य सर्वविध घोर पापों से मुक्त हो जाता है.

जो मनुष्य गौ के खुर से उड़ी धूलि को अपने मस्तक पर धारण करता है, वह समस्त तीर्थों के जल में स्नान करने का फल प्राप्त करता है और समस्त पापों से छुटकारा पा जाता है.

भारतीय गाय की सभी नस्ल की जानकारी और पहचान

  • अमृतमहल नस्ल की गाय (Amritmahal breed’s cow)-  यह नस्ल मैसूर राज्य में पाई जाती है. इस जाति का रंग खाकी तथा मस्तक,गला और थुहा काले रंग का होता है. इस नस्ल के बैल मध्यम कद के और फुर्तीले होते है.
  • हल्लीकर नस्ल (Fresh breed)-  नस्ल के गोधन मैसूर राज्य में पाए जाते है. यह एक स्वतंत्र नस्ल है, इसका ललाट उभरा हुआ और बिच में चीरा हुआ सा होता है. इस नस्ल की गाय अपेक्षाकृत अधिक दूध देती है, इनके सिंग लम्बे और नुकीले तथा कान छोटे होते है.
  • कंगायम नस्ल (Kangayam breed) –  इस नस्ल के गोधन कोयम्बटूर के दक्षिणी एवं दक्षिणी पूर्व के तालुकों में पाए जाते है. इनमे दूध बहुधा कम होता है. कहते है इनके छोटे कान, मस्तक मध्यम, प्रिमानका, गर्दन ओछी तथा पूंछ काफी लम्बी होती है, यह नस्ल सर्वांगी मानी गई है.
  • खिल्लारी नस्ल (Khillari breed)-  इस नस्ल के गोधन का रंग खाकी, सिर बड़ा, सींग लम्बे और पूंछ छोटी होती है, इनका गलकबल काफी बड़ा होता है.
  • कृष्णातटकी कृष्णावेली गाय की नस्ल (Krishna Valley cattle)-  इस जाति की गायें मुंबई के दक्षिणी भाग एवं हैदराबाद राज्य के कृष्णा नदी के तट पर पाई जाती है. इस नस्ल की गाय बहुत अधिक दूध देती है. गाय की यह नस्ल कई जातियों के मिश्रण से बनी है. इनका थुहा काफी बड़ा सिंग और पूंछ छोटे और गलकंबल काफी बड़ा होता है.
  • बैग्लूर नस्ल (Baglur breed)-  इस नस्ल की गाय मद्रास के कोयम्बटूर के बरगूर नामक पहाड़ में बहुतायत मिलती है. सहनशक्ति एवं तेज चाल में कहते है ये अद्वितीय होते है, इन गायों का दूध बहुत कम होता है, इनका सिर लंबा, ललाट कुछ उभरा हुआ और पूंछ छोटी होती है.
  • आलम बदी नस्ल (Alam Badi Breed)-  इस नस्ल को मैसूरी हल्कीकर नस्ल की शाखा मानना चाहिए. इस नस्ल के बैल बड़े परिश्रमी और तेज होते है तथा थोड़ी खुराकापर ही निर्वाह कर सकते है. इन गायों के दूध कम होते है. इनका ललाट उभरा हुआ और लम्बा संकरा होता है, और सींग लम्बे होते है.
  • गीर नस्ल (geer nasl)-  इस नस्ल की भारतीय गाय की पीठ मजबूत, सीधी और समचौरस होती है. कुल्हे की हड्डियाँ प्राय उभरी हुई होती है, पूंछ लम्बी होती है, गीर गाय की नस्ल प्राय एक रंग की नही होती है, वे काफी दूध देती है. इस जाति के बैल मजबूत होते है, यदपि वे मैसूर के बेलों की अपेक्षा कुछ सुस्त और धीमे होते है.
  • देवनी नस्ल (devanee nasl) – यह नस्ल महाराष्ट्र प्रान्त की डांगी नस्ल से मिलती जुलती है, इसमे गीर नस्ल में काफी समानता है, इस नस्ल की गाय के सिर सींग और गीर नस्ल के एक से होते है, इस नस्ल के बैल खेती में अच्छा काम देते है. तथा गौएँ निजाम राज्य की अन्य नस्लों की तुलना में काफी अच्छा दूध देती है.
  • डांगी नस्ल (Stew breed) – इस नस्ल की गाय महारास्ट्र प्रान्त के अहमदनगर और नासिक जिलों में बांसदा, धर्मपुर, जौहर, डांग्स क्षेत्रों में पाये जाते है. वे बड़े परिश्रमी होते है और धान के खेतों में लगातार काम करने से इनके स्वास्थ्य कोई अवांछनीय प्रभाव नही पड़ता, इस नस्ल की गाएं दूध कम देती है. इन गौओं का रंग लाल और सफेद अथवा काला और सफेद होता है.
  • मेवाती नस्ल (Mewati breed)-  इस नस्ल के गाये बहुत सीधी होती है बैल भारी हलों और छ्कड़ो में जोते जाते है. गाए काफी दुधारू होती है. इनमे गीर जाति के लक्ष्ण पाए जाते है तथा कुछ बातों में हरियाना नस्ल के गोधन से भी मिलते है. जिससे यह पता चलता है कि यह एक मिश्रित जाति है, इनका रंग सफेद और मस्तक काले रंग का होता है, इनकी टाँगे कुछ ऊँची होती है.
  • निमाड़ी नस्ल (Nimadi breed)-  इस नस्ल के जानवर बहुत फिर्तिले होते है. इनका रंग व मुह की बनावट गीर जाति की सी होती है. इनके कान मध्यम परिणाम के होते है. सामान्य तौर पर इनका रंग लाल होता है, जिस पर जगह जगह सफेद धब्बे होते है. इस जाति की गाये काफी दूध देती है.
  • कांकरेज नस्ल (Cancroid breed)-  इस जाति के गोधन भारतवर्ष में विशेष मूल्यवान समझे जाते है. यह नस्ल काठियावाड़, बडौदा राज्य एवं सूरत तक फैली हुई है. इस नस्ल के गोधन चलने तथा गाड़ी खीचने में बहुत तेज होते है. कांकरेज जाति की गायों की छाती चोडी, शरीर सबल, ललाट चोड़ा और सींग मुड़े हुए होते है. इनके कान लम्बे और झुके हुए होते है, इनकी चमड़ी भारी गलकबल साधारण प्रिमाणिका होता है. पूंछ अपेक्षाकृत छोटी होती है.
  • मालवी नस्ल (Malviya breed)-  इस जाति की गायों की प्राकृतिक गौचर भूमियों में पाला जाता है, सडको पर हल्की गाडियों को खीचने में तथा खेती में इसका विशेष उपयोग होता है, परन्तु बुढ़ापे में इनका रंग बिलकुल सफेद हो जाता है. मालवी नस्ल के दो अवांतर भेद होते है. 1. ग्वालियर जिले  के दक्षिण पश्चिम भाग में बड़ी रास के गोधन 2. इस भाग के दक्षिणी पश्चिमी भाग में पाये जाने वाले छोटी रास के गोधन. इस नस्ल की गाय कम दूध देती है.
  • नागौरी नस्ल (Nagauri breed)-  इस नस्ल के गोधन जोधपुर मारवाड़ के उत्तरी पूर्वी भाग में पाये जाते है. इस जाति के बैल आकार में बड़े होते है. और तेज दौड़ने के लिए प्रसिद्ध होते है. इनका मुह अपेक्षाकृत संकरा व लम्बा होता है तथा ललाट चपटा. इनकी चमड़ी पतली,गलकंबल, छोटा और पूंछ छोटी होती है इस नस्ल की गाये कम दूध देती है.
  • थारपारकर गाय की नस्ल (Breed of tharparkar cow)-  कच्छ, जोधपुर, जैसलमेर जिलों में इस जाति की गायें बड़ी संख्या में पाली जाती है. इस भूभाग में बालू के टीले बहुत पाये जाते है और वर्षा कम होती है. इस जाति के बैल बड़े परिश्रमी और खाकी सफेद रंग के होते है. इस नस्ल की गाय भारत में सबसे अधिक दूध देने वाली गाय की नस्लों में से एक है. बैल मध्यम परिणाम के होते है, अतएवं खेती एवं गाडियों में जुतने के काम आते है, इनमे कई गुण ऐसें होते है, जिनके कारण इनकी बहुत कदर की जाती है. गाये अधिक दूध देती है, बैल अधिक मेहनत कर सकते है और खुराक पर निर्वाह कर सकते है. इनका मुह काफी लम्बा, ललाट कुछ उभरा हुआ और थुहा मध्यम परिमाण का होता है.
  • बचौर नस्ल (bachaur nasl)- इस नस्ल की गाय बिहार राज्य के अंतर्गत सीतामढ़ी जिले के बचौर एवं कोइलपुर परगने में पायी जाती है. इस जाति के बैल काम करने में अच्छे होते है. इनका रंग खाकी, ललाट चौड़ा आँखे बड़ी बड़ी और कान लटकते हुए होते है.
  • पंवार नस्ल (Pew breed)-  यह पीलीभीत जिले के पटनापुर तहसील में और खेरी के उतर पश्चिम भाग में पाई जाती है. शुद्ध पंवार नस्ल के गाय बैल मुह संकरा तथा सींग लबें और सीधे होते है, इनका रंग प्राय काला और सफेद होता है, इनकी पूंछ लम्बी होती है और ये बड़े क्रोधी और फुर्तीले होते है. ये मैदानों में स्वच्छ रूप से चरना पसंद करते है. गौएँ कम दूध देती है.
  • भगनारी नस्ल (Bhagannari breed)-  नारी नदी के तटवर्ती भाग में पाये जाने के कारण गाय की इस नस्ल को भगनारी कहते है. इस नस्ल के गोधन अपना निर्वाह नदी तट पर उगने वाले घास और अनाज की भूसी आदि से करते है, इस नस्ल की गाये अधिक दूध देती है.
  • दज्जाल नस्ल (dajjaal nasl)-  भगनारी नस्ल का ही दूसरा नाम है, इस नस्ल की गाय पंजाब के देरागजी खां जिले में बड़ी संख्या में पाई जाती है. कहते है कि लगभग बहुत वर्ष पूर्व इस जिले में भगनारी नस्ल के बैल बहुत खास नस्ल के लिए भेजे गये थे. यही कारण है कि देरागाजीखां में इस नस्ल के काफी गौधन है. यही से पंजाब के अन्य भागो में भेजे जाते है.
  • गावलाव नस्ल (gaavalaav nasl)-  यह नस्ल मध्यप्रदेश राज्य की सर्वश्रेष्ट गाय की नस्ल है. इस जाति के सर्वोतम गौधन सतपुड़ा की तराई के वर्धा जिले में, संसार तहसील एवं कुराई परगने में और बइहर तहसील के दक्षिणी भाग में तथा नागपुर जिले के कुछ भाग में पाए जाते  है. ये प्राय मध्यम कद  के होते है, गायों का रंग प्राय निरा सफेद होता है और बैलो का सिर खाकी रंग का होता है, इनका सिर काफी लम्बा एवं संकरा, सींग छोटे और गलकंबल बड़ा होता है, खिल्लारी जाति के बैलों की भाह्ज.
  • हरियाना नस्ल की गाय (Haryana breed’s cow)-  इस नस्ल की गाय बड़ी संख्या में दूध देने के लिए कलकते आदि बड़े नगरो में भेजी जाती है. इस नस्ल के गोधन संयुक्त प्रान्त और राजस्थान के भरतपुर और अलवर जिले में मुख्य रूप से पाई जाती है. हरियाना जाति के बैल सफेद एवं खाकी रंग के होते है. कलकते में बरसात से पूर्व इनका रंग प्राय सफेद हो जाता है. बैलों की गर्दन और थुले काले होते है. गायो और सांडो के सींग छोटे और मोटे होते है. परन्तु बैल के सींग प्राय मुड़े हुए होते है.
  • हाँसी हिंसार नस्ल (Hansi Hissar breed)-  पंजाब के हिंसार जिले में हाँसी नदी के आस-पास यह नस्ल पाई जाती है. इससे इसका नाम हाँसी हिंसार पड़ा. इस नस्ल की गाये हरियाणा नस्ल के जैसी ही होती है, परन्तु उनकी अपेक्षा अधिक परिश्रमी होते है. इनका रंग सफेद और खाकी होता है. इस जाति के बैल परिश्रमी होते है. पर गाय हरियाणा नस्ल की खूबी को नही पा सकी.
  • अंगोल नस्ल (Angol breed)-  मद्रास प्रान्त का अंगोल नाम का इलाका गायों के लिए प्रसिद्ध है. गंतूर जिले के किसान प्राय इन गोधन को पालते है. इस जाति के गोधन प्राय सीधे और बैल मजबूत होते है. परन्तु अधिक भारी होने के कारण वे अधिक चलने में उपयोगी नही होते है. इस जाति के गोधन बहुत बड़ी संख्या में अमेरिकन नस्ल की गाय  की नस्ल को सुधारने के लिए अमेरिका भेजे जाते है. ये थोड़ा सा सुखा चारा खाकर निर्वाह कर सकते है. इनके शरीर अपेक्षाकृत लम्बे और गर्दन छोटी होती है. ये अपने डील डोल तथा शरीर की गठन के लिए प्रसिद्ध है.
  • राठी नस्ल (Rathi breed)- ये बहुत फुर्तीले और मध्यम परिमाण के हल चलाने के लिए एवं सड़क पर चलने के उपयोगी होते है. इनकी गाये भी दुधार होती है. इन तीन गुणों के कारण राठी नस्ल को कामधेनु कहा जाता है. जबकि नागौरी नस्ल की गाय और बैल अमीर लोगों की कामधेनु कहा जाता है.
  • केनवारिया नस्ल (Canvaria breed)-  यह बुंदेलखंड की प्रमुख नस्ल है. और संयुक्त प्रान्त के बांदा जिले के केण नदी के तट पर पाई जाती है. इस जाति की गाय कम दूध देती है. इनका रंग खाकी होता है. इनका मस्तिष्क ओछा किन्तु छोड़ा तथा सींग मजबूत तथा तीखे होते है.
  • खैरीगढ़ नस्ल (Khairigad breed)-  यह नस्ल संयुक्त प्रान्त के खेरीगढ़ क्षेत्र में पाई जाती है. ये गोधन प्राय सफेद रंग के तथा छोटे संकरे मुह् के होते है. वे केनवारिया नस्ल से मिलते जुलते होते है, ये क्रोधी व फुर्तीले होते है तथा मैदानों में स्वछन्द चरने से स्वस्थ व प्रसन्न रहते है. इनकी गाये दूध कम देती है ये तराई प्रदेश में उपयुक्त होते है.
  • साहिवाल नस्ल (Sahival breed)-  ये मुख्यतया दूध देने वाले गोधन होते है. जो प्राचीन काल में पंजाब के मध्य तथा दक्षिणी भागों में बहुत बड़ी संख्या में पाले जाते थे. दुधारू होने के कारण इस जाति की गायें बड़ी संख्या में शहरों में ले जाई जाती है.
  • लाल रंग की सिंधी नस्ल (Red colored syndi breed)-  यह नस्ल मूलतः कराची के आस-पास और उसके पूर्व के प्रान्त में पाई जाती है. ये आकार में छोटी होती है. किन्तु इनमे दूध देने की अधिक क्षमता होती है. ये चाहे जहा पल सकती है. ये लाल रंग की होती है और मुह पर गलकंबल में कुछ सफ़ेद धब्बे बहुधा रहते है. इनके कान मध्यम परिमाण के होते है, इनकी खुराक में कम खर्चा लगता है और थोड़ी खुराक में ही अपना स्वास्थ्य अच्छा रख लेती है.
  • सीरी नस्ल (Seri breed-  इस जाति की गाय दार्जलिंग के पर्वतीय प्रदेश में तथा सिक्किम एवं भूटान में पाई जाती है. इनका मूल स्थान भूटान ही माना जाता है. और इस जाति के सर्वोतम गोधन दार्जलिंग लाए जाते है. ये प्राय काले और सफेद अथवा लाल रंग के होते है. इनके शरीर बारह महीनों घने बालो से ढके रहते है. जो पर्वतीय प्रदेशो में कड़ाके की सर्दी और मुसलाधार वर्षा से रक्षा करते है. सीरी जाति के गोधन देखने में भारी होता है. थुहा काफी आगे निकला हुआ और कान बहुधा छोटे होते है. इस जाति के बेलों की बड़ी कद्र होती है.

गाय के दूध के फायदे

आहार शास्त्रियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि मनुष्य केवल गाय के दूध का ही सेवन करता रहे तो शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व उससे मिल जाते है. गो दुग्ध से शरीर अन्य लोगों की अपेक्षा अधिक अशक्त रोग प्रतिरोधक और क्षमतावान हो जाएगा.

इसमे प्रोटीन 0.94, सिन्ग्धता 1.09, आश्रेव्ताशार 1.6, उष्णांक 1.8 तथा चारों विटामिन 1.25% होता है. गाय के एक पौंड दूध से प्राप्त शक्ति 4 अंडो और 250 ग्राम से अधिक प्राप्त होने वाली शक्ति से अधिक है. भैंस के दूध में चिकनाई अधिक होती है, जिसके कारण वह सुपाच्य नही होता है.

नवजात शिशु ( Cow Milk FOR  Babies)  के लिए माँ के दूध से अतिरिक्त केवल गाय का दूध ही एकमात्र विकल्प है. वह बच्चे के लिए माँ के दूध की तरह ही गुणकारी है. गाय के दूध में क्षार अधिक होते है

और पाचक रसों का पर्याप्त समावेश होता है, जिसे बच्चे का पाचन तन्त्र आसानी से पचा लेता है. माँ के दोध की तरह पोषक दूध देने के कारण ही गाय को माता माना गया है.

वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार गाय के दूध में 21 प्रकार के अमीनो एसिड, 11 प्रकार के फेटिएसिड, 6 प्रकार के विटामिन, 8 प्रकार के किण्व, 25 प्रकार के धातु तत्व, 2 प्रकार की सुगर, 4 प्रकार के फास्फोरस तथा 19 प्रकार के नाइट्रोजन तत्व उपलब्ध होते है. इसके अलावा कैलिस्यम, फास्फोरस, लोहा, तांबा, आयोडीन,फ्लोरिन, सिकोन आदि मुख्य खनिज गाय के दूध में पाये जाते है.

मुख्य पाए जाने वाले एंजाइम पेरिविक्टेज, रिटक्टेड, लाईरपेज, प्रोटिएज, लोक्टेज, फास्फेटेज, ओलिंनेज, गैटालेज आदि है. विटामिन ऐ, कैरोटिन डीई, टोकोकेरोल, विटामिन बी-1, बी-2, रिबोफ्लोविन, बी-3, बी-4 तथा विटामिन सी है.

आयुर्वेद में गाय के दूध को प्रकृति प्रदत रसायन कहा गया है. जो दुर्बलता हटाकर रोगियों को नवजीवन प्रदान करता है. प्रसव से पूर्व तथा प्रसव के उपरांत स्तन पान काल में माँ के शरीर में होने वाली सभी प्रकार की कमी को गाय के दूध से ही पूरा किया जाता है.

रक्त अल्पता, संग्रहणी, पाण्डुरोग, पित्त तथा क्षय रोगों की औषधि के साथ साथ पथ्य के रूप में गाय के दूध का सेवन करने से शीघ्र लाभ होता है.

गाय के दूध के नित्य सेवन से शरीर मजबूत होता है. कफ, वात जनित रोगों का शमन होता है. यह बल व ओज बढ़ाता है. मस्तिष्क एवं ज्ञान तन्तुओं को पोषण देने में गाय का दूध अनुपम है. यह सभी प्रकार के रोगों एवं वृद्धता का नाश करता है.

डॉक्टर पिल्स ने गाय के दूध पर किये गये परिक्षण में पाया कि गाय कोई विषैला पदार्थ खा लेती है, तो भी उसका प्रभाव उसके दूध में नही आता है. न्यूयोर्क की विज्ञान अकेडमी की बैठक में अन्य वैज्ञानिकों ने भी डॉक्टर पिल्स के इस कथन की पुष्टि की थी.

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गाय पर वाक्य [निबंध] – 10, 20 Lines on Cow in Hindi | 10 Lines Essay

गाय के बारे में वाक्य लिखना चाहते हैं? यदि हाँ तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हैं। यहाँ हम आपको गाय के बारे में 5, 10, 20 लाइन की जानकारी देने वाले हैं। 20 Lines on Cow in Hindi को पढ़कर आप गाय पर निबंध 10 लाइन, 20 लाइन में लिख सकते हैं।

गाय के बारे में 20 लाइन निबंध – 20 Lines on Cow in Hindi

20 lines on cow in Hindi

  • गाय एक प्रसिद्ध घरेलु जानवर है।
  • गाय के चार पैर, दो सिंग और एक पूँछ होती है।
  • गाय दूध देती है जिसमे कैल्शियम और विटामिन पाया जाता है।
  • दूध देने के लिए गाय के पास चार थन होते हैं।
  • गाय हरी घास खाना पसंद करती है। यह घास खाने वाला जानवर है।
  • हिन्दू धर्म में गाय को माता माना जाता है और उसकी पूजा की जाती है।
  • गाय एक शांत स्वभाव वाला पशु है।
  • गाय एक शाकाहारी पशु है।
  • गाय सफेद, लाल, काले, चितकबरे आदि रंगो में पाया जाता है।
  • गाय का दूध हम इंसानों के लिए भी स्वास्थ्यवर्धक होता है।
  • गाय के दूध से पनीर, घी और मक्खन बनाया जाता है।
  • गाय के गोबर से खाद बनाया जाता है।
  • गोबर का उपयोग उपले (कंडे) बनाने के लिए भी किया जाता है।
  • गाय किसानो के लिए बहुत ही लाभकारी पशु है इसके दूध, और गोबर से किसान पैसे कमाता है।
  • भारत में गाय सबसे ज्यादा पाला जाने वाला जानवर है।
  • गाय से बछड़ों का जन्म होता है जो की बड़े होकर बैल बनते हैं।
  • बैल का उपयोग खेतों में हल चलाने के लिए किया जाता है।
  • गाय अपने सिंग का उपयोग अपनी सुरक्षा के लिए करती है।
  • भारत के अधिकतर गावों में लोग अपने घरों में गाय पालना पसंद करते हैं।
  • गाय का नाक काले रंग का होता है।

गाय के बारे में 10 वाक्य – 10 Lines on Cow in Hindi Class 1, 2, 3, 4

  • गाय एक चौपाया जानवर है।
  • गाय के चार पैर होते हैं।
  • गाय के सर पर दो सिंग होते हैं जिसका उपयोग वह अपनी सुरक्षा के लिए करती है।
  • गाय की एक पूँछ होती है।
  • गाय दूध देती है जो की सेहत के लिए लाभकारी होता है।
  • दूध से पनीर और मिठाई आदि बनाई जाती है।
  • गाय को गौ माता भी कहा जाता है।
  • गोवर्धन पूजा के दिन गाय की पूजा की जाती है।
  • गाय का उपयोग दूध उत्पादन के लिए किया जाता है।
  • गाय स्वभाव से सरल और सीधी होती है।

गाय के बारे में पाँच वाक्य

  • गाय एक बहुत ही उपयोगी और महत्पूर्ण पशु है।
  • यह एक शाकाहारी जानवर है।
  • गाय को हरी घांस खाना पसंद है और यह शाकाहारी पशु है।
  • भारत में गाय को माता कहा जाता है और इसकी पूजा की जाती है।
  • गाय दूध देती है जोकि बच्चों के लिए बहुत पौष्टिक होता है।’

यह भी पढ़ें:

  • 10 पालतू जानवरों के नाम
  • जानवरों के बारे में रोचक तथ्य
  • घोड़े के बारे में रोचक जानकारी

आपको गाय के बारे में यह जानकारी कैसी लगी हमें जरुर बताएं। इस जानकारी को class 1, class 2, class 3, class 4, 5, 6 के स्टूडेंट उपयोग कर गाय पर निबंध 10 लाइन से 20 लाइन तक लिख सकते हैं।

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10 Lines on A.P.J. Abdul Kalam in Hindi

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम पर 10, 20 लाइन वाक्य | 10 Lines on A.P.J. Abdul Kalam in Hindi

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गाय पर निबंध (Cow Essay in Hindi)

गाय

गाय का उल्लेख हमारे वेदों में भी पाया जाता है। गाय को देव तुल्य स्थान प्राप्त है। कहते हैं कि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। गाय को पालने का चलन बहुत पुराना है। अगर घर में गाय का वास होता है उस घर के सारे वास्तु-दोष अपने आप खत्म हो जाते हैं। इतना ही नहीं, उस घर में आने वाली संकट भी गाय अपने ऊपर ले लेती है। ऐसी मान्यताएं प्रचलित है।

गाय पर छोटे – बड़े निबंध (Short and Long Essay on Cow in Hindi, Cow par Nibandh Hindi mein)

गाय पर निबंध – 1 (250 – 300 शब्द).

गाय एक पालतु पशु है। प्राचीन काल से ही गौ माता को देवी समान समझा जाता है। हर मंगल कार्य में गाय के ही चीजों का प्रयोग होता है। यहां तक की गाय के उत्सर्जी पदार्थ (गोबर, मूत्र) का भी इस्तेमाल होता है। जिसे पंचगव्य(दूध, दही, घी, गोबर, मूत्र) की उपमा दी गयी है। इन तत्वों का औषधिय महत्व भी है। बहुत सारी दवाईयों के निर्माण में घी और गोमूत्र का इस्तेमाल किया जाता है।

गाय की शारीरिक संरचना

गाय की शारीरिक संरचना में गाय के दो सींग, चार पैर, दो आंखे, दो कान, दो नथुने, चार थन, एक मुंह और एक बड़ी सी पूँछ होती है। गाय के खुर उन्हें चलने में मदद करते हैं। उनके खुर जुते का काम करते है तथा चोट और झटकों आदि से बचाते है। गाय की प्रजातियां पूरे विश्व भर में पाईं जाती है। कुछ प्रजातियों में सींग बाहर दिखाई नहीं देते। दुग्ध उत्पादन में भारत का समुचे विश्व में पहला स्थान है। गाय का दूध बेहद लाभदायक और पौष्टिक होता है।

गाय के महत्व

भारत में गाय का पौराणिक, आर्थिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्त्व है। पुराणों के अनुसार गाय की हत्या वर्जित है, यह जघन्य पाप है। भगवान शिव की सवारी नंदी गाय है।  धार्मिक और सामाजिक तौर पर गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। गाय आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। गाय से हमें घी, दूध, गोबर आदि प्राप्त होते है।

भारत में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। और भी बहुत पालतु जानवर है, लेकिन उन सबमें गाय का सर्वोच्च स्थान है। हम सभी को गाय के पौराणिक और सामाजिक महत्त्व को समझना चाहिए। हम सभी को गाय का सम्मान करना चाहिए।

इसे यूट्यूब पर देखें : Cow Essay in Hindi

निबंध – 2 (400 शब्द)

गाय का दूध अति पौष्टिक होता है। नवजात शिशु भी, जिसे कुछ भी पिलाना मना होता है, उसे भी गाय का दूध दिया जाता है। शिशु से लेकर वृध्दावस्था तक हर उम्र के लोगों को गाय के दूध का सेवन करना चाहिए। बहुत से रोगों से लड़ने की ये हमें ताकत देता है। शिशुओं और रोगियों को विशेष रुप से इसे पीने की सलाह दी जाती है।

वैज्ञानिक भी इसके गुणों का बख़ान करते हैं। केवल दूध ही नहीं, इसके दूध से बने अन्य उत्पाद जैसे दही, मक्खन, पनीर, छाछ सभी डेयरी उत्पाद लाभदायक होते है। जहां पनीर खाने से प्रोटीन मिलता है। वहीं गाय का घी खाने से ताकत मिलती है। आयुर्वेद में तो इसका बहुत महत्व है। अगर किसी को अनिद्रा की शिकायत हो तो नाक में घी की केवल दो-दो बूंद डालने से यह बिमारी ठीक हो जाती है। साथ ही यदि रात में पैर के तलुओं में घी लगा कर सोया जाय तो बहुत अच्छी नींद आती है।

गाय के घृत का धार्मिक महत्व है। इससे हवन-पूजन आदि किया जाता है। और हमारे ऋषि-मुनि जो कुछ भी करते थे, उन सबके पीछे वैज्ञानिक कारण अवश्य होता था। जब गाय की घी और अक्षत(चावल) को हवन कुण्ड में डाला जाता है, तब अग्नि के सम्पर्क में आने पर बहुत सारी महत्वपूर्ण गैसें निकलती है, जो वातावरण के लिए उपयोगी होती हैं। गाय के घी में रेडियोधर्मी गैस को अवशोषित करने की अद्भुत क्षमता होती है। इतना ही नहीं हवन का धुआं वातावरण को शुध्द कर देता है। रुसी वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार एक चम्मच गाय के घी को आग में डालने से लगभग एक टन ऑक्सिजन का निर्माण होता है। यह काफी हैरतअंगेज बात है।

गाय को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। जैसे हमारे देश के लिए गांवो का महत्व है, उसी प्रकार गांवो के लिए गायों का महत्व है। पिछले कुछ सालों से गाय के जीवन पर संकट के बादल मंडरा रहे है। इसका प्रमुख कारण है – प्लास्टिक।

शहरों में हर चीज हमें प्लास्टिक में ही मिलता है। जिसे हम प्रयोग के बाद कूड़े-कचरे में फेंक देते है। जिसे चरने वाली मासूम गायें खा लेती है, और अपनी ज़ान गवा देती हैं। हम सबको पता है कि प्लास्टिक नष्ट नहीं होता, इसलिए इसका प्रयोग सोच-समझ कर करना चाहिए। यह सिर्फ गायों के जीवन के लिए ही नहीं वरन् पर्यावरण के लिए भी जरुरी है।

निबंध – 3 (500 शब्द)

हमारे शास्त्रों में गायों को माता का दर्जा दिया गया है। गायो को पुजनीय माना जाता है। इसालिए तो भारतीय घरों में घर की पहली रोटी गौमाता को अर्पित की जाती है। प्राचीन समय में गांवो में गायों की संख्या से सम्पन्नता का आकलन किया जाता था।

ऐसा कहा जाता है कि गायों की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी। और स्वर्ग में स्थान मिला था। हमारे पुराणों में भी गायों की महिमा का वर्णन किया गया है। पुराण में उल्लेख है कि माता कामधेनु सागर मंथन से प्रकट हुई थी। कामधेनु को सुरभि की संज्ञा दी गयी। कामधेनु को ब्रह्म देव अपने लोक ले गये थे। और फिर लोक कल्याण के लिए ऋषि-मुनियों को सौंप दिया था।

गाय के प्रकार

गाय भिन्न-भिन्न रंग-रुप और आकार की होती है। इनका कद छोटा भी होता है, तो लम्बा भी। इसकी पीठ चौड़ी होती है। जैसे हमारा देश विविध जलवायु लिए हुए है, उसी प्रकार पशु भी अलग-अलग जगहों पर अलग- अलग किस्म के पाएं जाते हैं। गाय भी इसका अपवाद नहीं है।

यह भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रजाति है। यह मुख्यतः उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब प्रांत में पाई जाती है। यह दूध व्यवसायियों की फेवरेट है, क्योंकि यह सालाना 2000-3000 लीटर तक दूध देती है। इसकी देखभाल अच्छी तरह की जाये तो कहीं भी रह सकती है।

यह मूलतः भारत के गुजरात के गिर के जंगलों में पाई जाती हैं। इसी कारण इसका नाम गिर पड़ा। यह भारत की सबसे दुधारु गाय है। यह सामान्यतः दिन के 50-80 लीटर दूध देती है। इसकी इस खासियत के कारण विदेशों में भी इसकी भारी माँग रहती है। इजराइल और ब्राजील में इसे विशेषतः पाला जाता है।

3) लाल सिंधी

इसके लाल रंग के कारण ही इसका नाम लाल सिंधी है। चूंकि सिंध प्रांत इसका मूल स्थान है, लेकिन अब ये कर्नाटक तमिलनाडू में भी पाई जाने लगी है। यह भी सालाना 2000-3000 लीटर तक दूध देती है।

4) राठी नस्ल, कांकरेज, थारपरकर

यह राजस्थान की जानी-मानी नस्ल है। इसका नाम राठस जनजाति के नाम पर पड़ा है। यह हर दिन 6-8 लीटर दूध देती है। कांकरेज राजस्थान के बाड़मेर, सिरौही और जालौर में अधिक मिलती है। वहीं थारपरकर जोधपुर और जैसलमेर में अधिक दिखती है।

5) दज्जल और धन्नी प्रजाति

यह तीनों प्रजातियां पंजाब में पाई जाती हैं। यह काफी फुर्तीली मानी जाती है। धन्नी प्रजाति ज्यादा दूध नहीं देती। किन्तु दज्जल देती हैं।

6) मेवाती, हासी-हिसार

यह हरियाणा की प्रमुख नस्लें हैं। मेवाती का उपयोग कृषि कार्य में ज्यादा किया जाता है। जबकि हासी-हिसार हरियाणा के हिसार क्षेत्र में मिलती हैं।

गाय का भोजन बहुत ही साधारण होता है। यह शुध्द शाकाहारी होती है। यह हरी घास, अनाज, चारा आदि चीजें खाती हैं। इसे कोई भी साधारण परिवार आराम से पाल सकता है। गायों को मैदानों की हरी घास चरना बहुत पसंद होता है। गाय के दूध से खाने की बहुत सारी चीजें बनती है। गाय के दूध से दही, मक्खन, छाछ, पनीर, छेना और मिठाइयां आदि बनायी जाती है। इसका दूध काफी सुपाच्य होता है। यह हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, अनेक रोगों से लड़ने की शक्ति देता है।

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गाय पर निबंध – इस लेख में  गाय को माता क्यों कहते हैं, गाय का भारतीय संस्कृति में महत्व क्या है, गाय का उपयोग क्या है, आदि  के बारे में जानेंगे | गाय को हिंदू धर्म में मां के समान माना गया है और इसे ”गौ-माता” कहकर संबोधित किया जाता है। गाय पूरे विश्व भर में पाई जाती है और इसे पूरे विश्व में एक पालतू जानवर के रूप में ही पाला जाता है। हमारे भारत देश में गाय को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है। अक्सर स्टूडेंट्स से असाइनमेंट के तौर या परीक्षाओं में गाय पर निबंध पूछ लिया जाता है। इस पोस्ट में गाय पर कक्षा 1 से 12 के स्टूडेंट्स के लिए 100, 150, 200, 250, 350 शब्दों में अनुच्छेद दिए गए हैं।

  • गाय पर 10 लाइन
  • गाय पर अनुच्छेद 1, 2, 3 के छात्रों के लिए 100 शब्दों में
  • गाय पर अनुच्छेद 4 और 5 के छात्रों के लिए 150 शब्दों में
  • गाय पर अनुच्छेद 6, 7 और 8 के छात्रों के लिए 200 शब्दों में
  • गाय पर अनुच्छेद 9, 10, 11, 12 के छात्रों के लिए 250 से 300 शब्दों में

   

गाय  पर 10 लाइन 10 lines on Cow in Hindi

  • गाय एक पालतू जानवर है जिसे कई लोग दूध आपूर्ति के लिए पालते हैं।
  • गाय का मुख्य आहार हरा चारा, भूसा और चोकर होता है।
  • गाय के नर बच्चे को ‘बछड़ा’ और मादा बच्चे को ‘बछिया’ कहा जाता है।
  • गाय के नर बछड़े बड़े होने पर कृषि उद्योग और गाड़ी खींचने के काम आते है।
  • गाय के दूध को अमृत के समान माना जाता है।
  • गाय के दूध से घी, मक्खन जैसे अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ भी बनाये जाते है।
  • गाय के गोबर का उपयोग उर्वरक के रूप में खेतों में उपज बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  • गाय के घी और मूत्र का उपयोग कई औषधियां बनाने में किया जाता है। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है।
  • हिंदू धर्म में गायों को पवित्र माना जाता है और उसकी हत्या करना महापाप माना जाता है।

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Short Essay on Cow in Hindi गाय पर अनुच्छेद 100, 150, 200, 250 से 350 शब्दों में

गाय पर निबंध – गाय वैदिक काल से ही दूध और अन्य मूल्यवान संसाधनों का स्रोत रही है। प्रारंभ में, गायों का उपयोग मुद्रा के रूप में किया जाता था, और किसी व्यक्ति की संपत्ति उनके पास मौजूद गायों की संख्या से मापी जाती थी। इसके अलावा, हिंदू धर्म में गाय को माता माना गया है और उसकी सेवा करना पुण्य माना जाता है, वहीं उसकी हत्या करना घोर पाप माना जाता है।

गाय पर निबंध/अनुच्छेद कक्षा 1, 2, 3 के छात्रों के लिए 100 शब्दों में

गाय एक जानवर है। उसके चार पैर, दो आंखें और दो कान होते हैं। उसके दो सींग और एक लंबी पूंछ होती हैं। गाय बहुत रंग की होती है। कुछ उजली, कुछ काली, कुछ भूरी होती है। गाय हरा घास और भूसा खाती है और हमें दूध देती है। उसका दूध मीठा और पौष्टिकता से भरपूर होता है और दूध से दही, पनीर और मक्खन जैसे अन्य खाद्य पर्दाथ भी बनाया जाता है, जिसका सेवन सभी लोग करते हैं। इसके अलावा, गाय से प्राप्त गोबर का उपयोग खेती में खाद के रूप में किया जाता है, जिससे फसल की पैदावार बढ़ती है। बहुत से लोग दूध के लिए गायों को पालते है। हिन्दू, गाय को गौमाता कहते है।    Top    

गाय पर निबंध/अनुच्छेद कक्षा 4, 5 के छात्रों के लिए 150 शब्दों में

गाय सभी जानवरों में सबसे उपयोगी जानवर है क्योंकि यह अपने दूध के माध्यम से लोगों का भरण-पोषण करती है। इसके दूध में कैल्शियम व अन्य विटामिन्स होते है जो मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए आवश्यक होता है। इसके अतिरिक्त, दही, पनीर, घी-मक्खन आदि जैसे डेयरी प्रोडक्ट भी इसके दूध से बनाया जाता है जो लोगों के दैनिक आहार का हिस्सा होता है। इसलिए बहुत से लोग दूध की आपूर्ति व अन्य जरूरतों के लिए इसे अपने घर पर पालते है। गाय का मुख्य आहार घास और भूसा होता है और इससे प्राप्त होने वाला गोबर कृषि में उर्वरक के रूप में किया जाता है, जिससे फसल की पैदावार में बढ़ोतरी होती है। नर गाय जिन्हें बैल कहा जाता है, का उपयोग खेतों की जुताई या गाड़ी खींचने के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, गाय के घी और मूत्र का उपयोग कई औषधियां बनाने में किया जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। 

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गाय पर निबंध/अनुच्छेद कक्षा 6, 7, 8 के छात्रों के लिए 200 शब्दों में

गाय एक महत्वपूर्ण पालतू जानवर है जो पूरी दुनिया में विभिन्न आकृतियों, रंगों और आकारों में पाई जाती हैं। विश्व स्तर पर गायों की 1000 से अधिक नस्लें हैं। विदेशी नस्ल की गायों को जर्सी बोलते है। भारत में, 30 से अधिक गाय की नस्लें हैं, जिनमें लाल सिंधी, साहीवाल, गिर, देवनी, थारपारकर आदि देश की मुख्य दुधारू गाय की नस्लें हैं। ये नस्लें उच्च गुणवत्ता वाला दूध देती है। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। ऐसा कहा जाता है कि गायों में सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करने की विशेष क्षमता होती है जिससे उनके दूध, घी आदि में स्वर्णक्षार पाये जाते हैं, जो आरोग्य व प्रसन्नता के लिए ईश्वरीय वरदान है। बहुत से लोग दूध की आपूर्ति और उस दूध से अन्य डेयरी उत्पाद बनाने सहित विभिन्न कारणों से अपने घरों में गाय पालना पसंद करते हैं। गायों का स्वभाव नम्र होने के कारण उन्हें संभालना आसान होता है। गाय पालने से दूध की आपूर्ति तो होती ही है साथ ही इनकी सेवा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि भी होती है। इसके अलावा, हिंदू धर्म में गाय को बहुत पवित्र माना जाता है। इनके दूध, धी का पूजा-पाठ अनुष्ठानों और समारोहों में बहुत महत्व रखता है। दूध-घी से पंचामृत बनाया जाता है और घी हवनों में प्रयोग होता है। इसके दूध के अलावा इनके गोबर का भी इस्तेमाल ईंधन और खाद के तौर पर किया जाता है। आज के समय में विज्ञान की मदद से गाय के गोबर से बायोगैस बनाई जाती है, जिसका उपयोग स्थायी ऊर्जा स्रोत का उत्पादन करने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा, गाय के नर बछड़े, जब व्यस्क हो जाते हैं, तो वह खेतों की जुताई और गाड़ियाँ खींचने के काम आते है। 

गाय पर निबंध/अनुच्छेद कक्षा 9, 10, 11, 12 के छात्रों के लिए 300 शब्दों में

गाय, जो हजारों वर्षों से मानव समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, एक पालतू स्तनपायी जानवर है, जो दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में पाई जाती हैं और कई नस्लों में मौजूद हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी अलग विशेषताएं हैं। गायों की सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक उनका सौम्य और नम्र स्वभाव है। वे आम तौर पर शांत जानवर होते हैं जिससे उनको संभालना आसान होता है। उनके शांतिपूर्ण आचरण व गुणों के कारण हिन्दू धर्मों में उनको विशेष महत्व दिया गया है। गायों को मुख्य रूप से उनके दूध के लिए पाला जाता है, जो एक पोषक तत्व से भरपूर तरल पदार्थ है। जिसका सेवन मनुष्य विभिन्न रूपों जैसे पनीर, मक्खन और दही में करता है। दूध न केवल कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है बल्कि इसमें अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक विटामिन और खनिज भी शामिल हैं। दूध के अलावा गायों से अनगिनत लाभ मिलते है जैसे जब उनके बछड़े बड़े हो जाते है तो बैल बनकर खेतों में हल चलाने, बैलगाड़ी चलाने के काम आते है तथा इनसे प्राप्त गोबरों का उपयोग उपले बनाने में व कच्चे फर्श को लीपने में किया जाता है साथ ही गोबरो का खेतों में खाद के रूप में इस्तेमाल होता है, जिससे फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी होती है। मनुष्यों के भरण-पोषण के अलावा, गायें अपने पाचन तंत्र के माध्यम से पर्यावरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती हैं। उनके पास एक अद्वितीय पाचन तंत्र है जिसे जुगाली करनेवाला कहा जाता है, जो उन्हें सेलूलोज़-समृद्ध पौधों को कुशलतापूर्वक तोड़ने की अनुमति देता है। इस प्रक्रिया के दौरान, गायें मीथेन छोड़ती हैं, जो एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है जो ग्लोबल वार्मिंग में योगदान करती है। परिणामस्वरूप, गाय का उत्सर्जन पर्यावरणीय स्थिरता पहलों का केंद्र बन गया है, जिससे मीथेन उत्पादन को कम करने के लिए आहार संशोधन और खाद प्रबंधन तकनीकों जैसे नवीन दृष्टिकोण सामने आए हैं। इसके अलावा गायें आय के स्रोत भी है, कई देशों में इनके मांस,  खाल और दूध रोजगार और आर्थिक स्थिरता का जरिया है।   Top  

गाय पर हिंदी में निबंध – Essay on Cow for Class 1 to 12th

गाय पर निबंध – Essay on Cow in Hindi – इस लेख में हम गाय के विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे। यह निबंध काफी सरल तथा ज्ञानवर्धक है। इन निबंधों के माध्यम से हमने गाय से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे कि गाय को माता क्यों कहते हैं? गाय का भारतीय संस्कृति में महत्व क्या है? गौपालन का इतिहास क्या है? गाय सबसे अच्छा पालतू जीव क्यों है? गाय का खान-पान क्या है? गाय का उपयोग क्या है? आदि पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

सामग्री – (Content)

  • गाय की उत्पत्ति
  • गाय की पहचान

गाय की नस्ल व् रंग

गाय की शारीरिक सरंचना

  • गाय की देखभाल और खान-पान
  • गाय का धार्मिक महत्त्व
  • गाय से प्राप्त होने वाले लाभ
  • गाय की वर्तमान दशा

  प्रस्तावना गाय हमारी पृथ्वी पर हजारों वर्षों से विद्यमान है। गाय को हिंदू धर्म में मां के समान माना गया है क्योंकि जिस प्रकार हमारी मां हमारा पूरा ख्याल रखती है उसी प्रकार गाय भी हमें स्वादिष्ट दूध देकर हमें हृष्ट  पुष्ट बनाती है। गाय पूरे विश्व भर में पाई जाती है और इसे पूरे विश्व में एक पालतू जानवर के रूप में ही पाला जाता है। हमारे भारत देश में गाय को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है। यहाँ पर गाय की हत्या करना एक बहुत बड़ा अपराध है।  विश्व भर में सबसे ज्यादा गाय हमारे भारत में ही पाई जाती है। भारत में गाय को सम्मान की नज़रों से देखा जाता है क्योंकि हिंदू धर्म में कहा जाता है कि गाय के अंदर 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। कई देशों में गाय को पवित्र पशु का दर्जा प्राप्त है और भारत में इसे एक देवी की तरह पूजा जाता है। हिंदू समाज ने गाय को माँ का दर्जा दिया है और इसे ”गौ-माता” कहकर संबोधित किया जाता है।   Top  

गाय की उत्पत्ति गाय की उत्पत्ति की पुराणों में कई प्रकार की कथाएँ मिलती है। पहली तो यह कि जब ब्रह्मा एक मुख से अमृत पी रहे थे तो उनके दूसरे मुख से कुछ फेन (झाग) निकल गया और उसी से आदि-गाय ‘सुरभि’ की उत्पत्ति हुई। दूसरी कथा में कहा गया है कि दक्ष प्रजापति की साठ लड़कियाँ थी उन्हीं में से एक सुरभि भी थी। तीसरे स्थान पर यह बतलाया गया है कि सुरभि अर्थात स्वर्गीय गाय की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय चौदह रत्नों के साथ ही हुई थी। सुरभि से सुनहरे रंग की कपिला गाय उत्पन्न हुई। जिसके दूध से क्षीर सागर बना। भगवत पुराण के अनुसार, सागर मंथान (समुद्रमंथन) के दौरान दिव्य वैदिक गाय (गौ-माता) के निर्माण की कहानी को प्रकाश में लाता है। पांच दैवीय कामधेनु (वैदिक गाय जो हर इच्छा को पूरा करती है), जैसे नंदा, सुभद्रा, सुरभी, सुशीला, बहुला मंथन में से उभरी है और यहाँ से दिव्य अमृत पंचगव्य की उत्पत्ति होती है। कामधेनु या सुरभी ब्रह्मा द्वारा ली गई, दिव्य वैदिक गाय (गौ-माता) ऋषि को दी गई, ताकि उसके दिव्य अमृत पंचगव्य का उपयोग यज्ञ, आध्यात्मिक अनुष्ठानों और संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए किया जा सके।   Top  

गाय की पहचान हमारे शास्त्रों में गाय को पूजनीय बताया गया है इसीलिए हमारी माताएं बहने रोटी बनाती है तो सबसे पहली रोटी गाय की होती है गाय का दूध अमृत तुल्य होता है। जिस ‘गाय’ का हमारे भारत के वेदों-ग्रंथों में और श्रीमद् भगवत पुराण में वर्णन किया गया है, वह कामधेनु गौ-माता और उनके गौ-वंशज हैं। दिव्य कामधेनु गौ-माता (और उनके गौवंशज) को मुख्य 2 विशेषता हैं – 1. सुंदरकूबड़ (Hump) है। 2. उनकी पीठ पर और गर्दन के नीचे त्वचा का झुकाव है – गलकंबल (Dewlap)। भारत में वैदिक काल से ही गाय का विशेष महत्त्व रहा है। आरंभ में आदान-प्रदान एवं विनिमय आदि के माध्यम के रूप में गाय को उपयोग में लाया जाता था और मनुष्य की समृद्धि की गणना उसकी गो-संख्या से की जाती थी। हिन्दू धार्मिक दृष्टि से भी गाय पवित्र मानी जाती रही है तथा उसकी हत्या महापातक पापों में की जाती है।   Top  

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भारत में गाय की लगभग 30 नस्लें पाई जाती हैं। रेड सिन्धी, साहिवाल, गिर, देवनी, थारपारकर आदि नस्लें भारत में दुधारू गायों की प्रमुख नस्लें हैं। लोकोपयोगी दृष्टि में भारतीय गाय को तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है। पहले वर्ग में वे गाएँ आती हैं जो दूध तो खूब देती हैं, लेकिन उनकी पुंसंतान अकर्मण्य अत: कृषि में अनुपयोगी होती है। इस प्रकार की गाएँ दुग्धप्रधान एकांगी नस्ल की हैं। दूसरी गाएँ वे हैं जो दूध कम देती हैं किंतु उनके बछड़े कृषि और गाड़ी खींचने के काम आते हैं। इन्हें वत्सप्रधान एकांगी नस्ल कहते हैं। कुछ गाएँ दूध भी प्रचुर देती हैं और उनके बछड़े भी कर्मठ होते हैं। ऐसी गायों को सर्वांगी नस्ल की गाय कहते हैं। गाय के रंग : गाय कई रंगों जैसे सफेद, काला, लाल, बादामी तथा चितकबरी होती है।   Top  

गाय की शारीरिक सरंचना वैसे तो सभी देशों में समान ही पाई जाती है लेकिन गाय की कद-काठी और नस्ल में फर्क होता है। कुछ गाय अधिक दूध देती हैं, तो कुछ कम देती है। गाय का शरीर आगे से पतला और पीछे से चौड़ा होता है। गाय के दो बड़े कान होते हैं, जिनकी सहायता से वे धीमी-धीमी और अधिक तेज आवाज भी सुन सकती है। गाय की दो बड़ी आंखें होती हैं, जिनकी सहायता से भी लगभग 360 डिग्री तक देख लेती है। गाय एक चौपाया पशु है और चारों पैरों में खुर्र होते है, जिसकी सहायता से वह किसी भी कठोर स्थल पर चल सकती है। गाय का एक मुँह होता है, जो ऊपर से चौड़ा और नीचे से पतला होता है। इसके पूरे शरीर पर छोटे-छोटे बाल होते है। गाय के एक लंबी पूछ होती है, जिसकी सहायता से वे अपने शरीर पर लगी हुई मिट्टी को तथा मक्खियों को हटाती रहती है। गाय के 4 थन होते हैं और इसकी गर्दन लंबी होती है। गाय के मुँह के सिर्फ निचले जबड़े में 32 दाँत पाए जाते हैं, इसीलिए गाय लंबे वक्त तक जुगाली कर के खाने को चबाती है। गाय के एक बड़ी नाक होती है। गाय के दो बड़े सींग होते हैं। परन्तु कुछ नस्लों की गायों के सींग नहीं होते।   Top   गाय की देखभाल और खान-पान

विभिन्न देशों में अलग आकृति और आकार की गाय पायी जाती है। हमारे देश में यह छोटे कद की होते हैं जबकि कुछ देशों में यह बड़े कद-काठी और शारीरिक बनावट की होती है। इसकी पीठ लम्बी और चौड़ी होती है। हमें गाय की अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए और उसे अच्छा भोजन और साफ पानी देना चाहिए। यह हरी घास, भोजन, अनाज और अन्य चीजें खाती है। पहले वह खाना अच्छी तरह से चबाती है और धीरे-धीरे उसे पेट में निगल जाती है। दूध उत्पादन बढ़ाने तथा उसकी उत्पादन लागत कम करने के लिए गाय को सन्तुलित आहार देना चाहिए। संतुलित आहार में गाय की आवश्यकता के अनुसार समस्त पोषक तत्व होते हैं, वह सुस्वाद, आसानी से पचने वाला तथा सस्ता होता है। दूध उत्पादन में अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए, पशु को बारह मास पेट भर हरा चारा खिलाना चाहिए।

इससे दाने का खर्च भी घटेगा तथा गाय का नियमित प्रजनन भी होगा। गाय को आवश्यक खनिज लवण नियमित रूप से देने चाहिए। गाय को आवश्यक चारा- दाना- पानी नियत समय के अनुसार ही देना चाहिए। समय के हेर-फेर से भी उत्पादन प्रभावित होता है।

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गाय का धार्मिक महत्त्व भारत में गाय को देवी का दर्जा प्राप्त है। ऐसी मान्यता है कि गाय के शरीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास है। यही कारण है कि दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की विशेष पूजा की जाती है और उनका मोर पंखों आदि से श्रृंगार किया जाता है। प्राचीन भारत में गाय समृद्धि का प्रतीक मानी जाती थी। युद्ध के दौरान स्वर्ण, आभूषणों के साथ गायों को भी लूट लिया जाता था। जिस राज्य में जितनी गायें होती थीं उसको उतना ही सम्पन्न माना जाता है। कृष्ण के गाय प्रेम को भला कौन नहीं जानता। इसी कारण उनका एक नाम गोपाल भी है।

हिंदू धर्म में यह माना जाता है की गौ-दान सबसे बड़ा दान होता है। गौ-दान से मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है। हिंदुओं के तीज-त्योहार बिना गौ के घी के पूरे नहीं होते। तीज-त्योहार के दिन घर को गौ के गोबर से ही लीपा जाता है। उस पर देवताओं की प्रतिमाओं को बैठाया जाता है। कई लोग किसी जरूरी काम को करने से पहले गाय के दर्शन को बड़ा शुभ मानते हैं।

वहीं गाय के गोबर को खेती के लिए बहुत उपयोगी माना गया है। गाय को अमृत जैसे दूध देने व अन्य गुणों के चलते, इसे धरती माता के समान पूज्य माना गया है। इसीलिए गाय को गौ-माता कहा जाता है।   Top  

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गाय से प्राप्त होने वाले लाभ (i) गाय एक पालतू पशु है इसलिए इसे घरों में पाला जाता है और सुबह शाम इसका दूध निकाला जाता है एक गाय एक समय में 5 से लेकर 10 लीटर दूध देती है कुछ अलग नस्ल की गाय अधिक दूध भी देती है। (ii) बच्चों को विशेष तौर पर गाय का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है क्योंकि भैंस का दूध जहां सुस्ती लाता है, वहीं गाय का दूध बच्चों में चंचलता बनाए रखता है। माना जाता है कि भैंस का बच्चा (पाड़ा) दूध पीने के बाद सो जाता है, जबकि गाय का बछड़ा अपनी मां का दूध पीने के बाद उछल-कूद करता है। (iii) गाय का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है। यह बीमारों और बच्चों के लिए बेहद उपयोगी आहार माना जाता है। (iv) गाय का दूध हमें मजबूत और स्वस्थ बनाता है। यह हमें संक्रमण और विभिन्न प्रकार की बीमारियों के प्रति हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर देता है। यह हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। (v) गाय के दूध के नियमित रूप से सेवन करने से हमारा दिमाग तेज और याददाश्त मजबूत हो जाती है। (vi) इसके दूध से कई तरह के पकवान बनते हैं। दूध से दही, पनीर, मक्खन और घी भी बनाता है। (vii) गाय के घी और गाय के गोमूत्र को बहुत पवित्र माना गया है और इसके गोमूत्र को आयुर्वेदिक औषधियों के रूप में उपयोग में लिया जाता है जो कि कई बड़ी बीमारियों को जड़ से खत्म करने में कारगर है. (viii) गाय का गोबर फसलों के लिए सबसे उत्तम खाद है। (ix) गाय के गोबर को सुखाकर इंधन के काम में लिया जाता है साथ ही गाय की गोबर का उपयोग खेतों में खाद के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। (x) गाय न सिर्फ अपने जीवन में लोगों के लिए उपयोगी होती है बल्कि मरने के बाद भी उसके शरीर का हर अंग काम आता है। गाय का चमड़ा, सींग, खुर से दैनिक जीवनोपयोगी सामान तैयार होता है। गाय की हड्‍डियों से तैयार खाद खेती के काम आती है।   Top   गाय की वर्तमान दशा अधिक दूध की मांग के आगे नतमस्तक होते हुए भारतीय पशु वैज्ञानिकों ने बजाय भारतीय गायों के संवर्द्धन के विदेशी गायों व नस्लों को आयात कर एक आसान रास्ता अपना लिया। इसके दीर्घकालिक प्रभाव बहुत ही हानिकारक हो सकते हैं। आधुनिक गोधन जिनेटिकली इंजीनियर्ड है। इन्हें मांस व दूधउत्पादन अधिक देने के लिए सुअर के जींस से बनाया गया है। भारतीय नस्ल की गायें सर्वाधिक दूध देती थीं और आज भी देती हैं। ब्राजील में भारतीय गोवंश की नस्लें सर्वाधिक दूध दे रही हैं। अंग्रेजों ने भारतीयों की आर्थिक समृद्धि को कमजोर करने के लिए षड्यंत्र रचा था।

ज्योतिष शात्र के अनुसार भारतीय गोवंश की रीढ़ से सूर्य केतु नामक एक विशेष नाड़ी होती है, जब इस पर सूर्य की किरणें पड़ती हैं, तब यह नाड़ी सूर्य किरणों के तालमेल से सूक्ष्म स्वर्ण कणों का निर्माण करती है। यही कारण है कि देशी नस्ल की गायों का दूध पीलापन लिए होता है। इस दूध में विशेष गुण होता है। विदेशी नस्ल की गायों का दूध त्याज्य है। ध्यान दें कि अनेक पालतू पशु दूध देते हैं, पर गाय का दूध को उसके विशेष गुण के कारण सर्वोपरि पेय कहा गया है। राजनीतिक पार्टियां जिस गाय माता के नाम से वोट बटोरने का काम करती है आज उस गाय माता की दशा को देखकर क्षेत्र के कोई भी नेता में राजनेता शुद्ध तक लेने को तैयार नहीं है। हर गांव गली मोहल्ले व बाजारों में गाय माता की दशा में कोई विचार नहीं कर रहा है। किसान के पास अत्यधिक खेती होने के कारण किसान गाय माता के डंडा मारकर शहरों की ओर धकेलते नजर आते हैं, वहीं दूसरी ओर शहरों में स्थित दुकानों के सामने गाय के भूखे रहने के कारण इधर-उधर अपना निवाला देखने में ही दुकानदार भी गाय माता को डंडा मारकर भगाते नजर आ रहे हैं। वर्तमान में ना तो सरकार इन गायों की सुध ले रही है और ना ही किसान। बस स्टैंड पर और मुख्य रोड़ों के बीचों-बीच गायों के झुण्ड बैठने से आवागमन में बाधा नजर आती है फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के आंखें व कान दोनों ही गाय माता के निवाले तक की व्यवस्था नही कर सकते।

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  उपसंहार गाय शांतिप्रिय और पालतू पशु है। हमारे भारत में गाय को माँ का दर्जा इसीलिए दिया गया है, क्योंकि यह हमें जीवन भर कुछ ना कुछ देती ही रहती है। हम अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए रोज गाय का दूध पीते हैं। डॉक्टर मरीजों को हमेशा गाय का दूध पीने की सलाह देते हैं।

गाय का दूध नवजात शिशुओं के लिए अच्छा व आसानी से पच जाने वाला भोजन है। यह स्वभाव से बहुत ही सीधा पशु होता है। हमें इसके जीवन से कुछ सीख लेनी चाहिए और हमेशा अपने जीवन को शांतिपूर्ण तरीके से जीना चाहिए और दूसरे लोगों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

दुर्भाग्य से शहरों में जिस तरह पॉलिथिन का उपयोग किया जाता है और उसे फेंक दिया जाता है, उसे खाकर गायों की असमय मौत हो जाती है। इस दिशा में सभी को गंभीरता से विचार करना होगा ताकि हमारी ‘आस्था’ और ‘अर्थव्यवस्था’ के प्रतीक गोवंश को बचाया जा सके। कुल मिलाकर गाय का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है। गाय आज भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

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गाय पर हिन्दी में निबंध

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गाय पर निबंध - Cow Essay in Hindi - Cow Par Nibandh - Essay on Cow in Hindi Language

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रुपरेखा : गाय का परिचय - गाय के प्रकार - गाय की दूध - गाय के स्वभाव - गाय का महत्व - श्री कृष्ण के जीवन में गाय - गाय के लाभ - वर्तमान के गाय - उपसंहार।

गाय मनुष्य की प्राचीन काल से मित्र रही है। गाय एक बहुउपयोगी पशु है जिसका वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्व होता है। विज्ञान ने भी गाय की महत्वता को स्वीकार किया है। गाय के दूध को अमृत का दर्जा दिया गया है । गाय को एक पवित्र पशु माना जाता है तथा भारत में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। भारत में करोड़ों लोग गाय की पूजा करते हैं। गाय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मानव जाति को बहुत कुछ देती है लेकिन बदले में कुछ नहीं मांगती है। बहुत से परिवार गाय के दूध, दही अवं घी को बेचकर अपना जीवन जीवित करते हैं।

गाय के कई प्रकार होते है। गाय का शरीर बड़ा और शक्तिशाली होता है। गाय के चार पैर, दो सींग, दो कान और एक लम्बी पूंछ होती है। गाय के जबड़े के सिर्फ नीचे के हिस्से में दांत होते हैं। गाय के पैरों के खुर अलग-अलग होते हैं। गाय की आँखें बड़ी व खूबसूरत होती हैं। गाय कई प्रकार की होती है। गाय के रंग के आधार पर गायों के अनेक प्रकार होते हैं। कुछ गाय काली रंग की होती हैं, कुछ सफेद रंग की होती हैं, कुछ लाल रंग की होती है तथा कुछ मिश्रित रंगों की होती हैं। जंगली गाय का भी एक प्रकार होते है। भारत में मुख्य रूप से साहीवाल, गीर, लाल सिंधी, थारपारकर, दज्जल, मेवाती, जैसे आदि गाय पाए जाते हैं।

गाय संसार के लगभग हर क्षेत्र में पाई जाती हैं। हर देश में गाय का आकार एवं लंबाई -चौड़ाई के आधार पर अलग-अलग होती हैं। यूरोप, अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया की गायें बहुत ही दूध देने वाली होती हैं। हमारे देश में उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा व गुजरात की गायें अधिक दूध देने वाली होती हैं। गाय की दूध सेहद के लिए बहुत ही लाभदायक होते है। गाय के दूध से दही, घी, खुवा, मिठाई, जैसे अनेक पदार्थ बनते है। गाय की दूध बच्चों के लिए अमृत के समान पवित्र होता है। गाय के दूध के घी खाने से मनुष्य आजीवन तंदरुस्त रहते है।

गाय का स्वभाव बहुत ही शांत होता है। इसीलिए गाय सबसे प्रिय पालतू पशु है। गाय एक शाकाहारी जानवर है। गाय केवल घास, अन्न, भूसा, खली, भूसी, चोकर, पुवाल और पेड़ों की पत्तियां खाती हैं। गाय पहले चारा निगल जाती है फिर उसे थोडा-थोडा मुंह में लेकर चबाती है इसे हम जुगाली करना कहते हैं। गाय एक समय में केवल एक बछड़ा या बछड़ी को जन्म देती है। गाय अपने बछड़े को बहुत प्यार करती है तथा उन दोनों का प्यार देख मन प्रसन्न हो जाता है।

हिन्दुओं के तीज-त्यौहार बिना गाय के घी के पूरे नहीं होते हैं। त्यौहार के दिन घर को गाय के गोबर से लिपा जाता है। उस पर भगवान की प्रतिमाओं को बिठाया जाता है। बहुत से लोग किसी भी जरूरी काम को करने से पहले गाय के दर्शन करना बहुत ही शुभ मानते हैं। गाय के गोबर को खेती के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। गाय के उत्सर्जी पदार्थ जैसे गोबर और मूत्र का भी इस्तेमाल होता है। पंचगव्य जैसे दूध, दही, घी, गोबर, मूत्र की उपमा दी गयी है। इन तत्वों का औषधिय महत्व भी है। बहुत सारी दवाईयों के निर्माण में घी और गोमूत्र का इस्तेमाल किया जाता है। गाय के अमृत के समान दूध और अन्य गुणों की वजह से इसे धरती माता के समान पूज्य माना जाता है। इसलिए गाय को गौ माता भी कहा जाता है। गांवों में गाय के गोबर से बने उपलों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह बहुत ही दुःख की बात है कि प्रोद्योगिकी के विकास के साथ हम गाय की महत्ता को भूलते जा रहे हैं। गाय का महत्व मनुष्य जीवन के लिए अति लाभदायक प्रसिद्ध होता है।

भगवान श्री कृष्ण के जीवन में गाय की बहुत मानता थी। भगवान श्रीकृष्ण का बचपन ग्वालों के बीच बीता है। भगवान श्रीकृष्ण को लोग गोविंदा व गोपाल कहकर बुलाते थे जिसका अर्थ होता है गायों का रक्षक तथा मित्र। गाय का दूध बच्चों एवं रोगियों के लिए बहु-उपयोगी होता है। गाय को एक परिवार के सदस्य की तरह माना जाता है। प्राचीनकाल में गायों की संख्या से व्यक्ति की संपन्नता का पता चलता था।

गाय से अनगिनत लाभ है जैसे गाय दूध देती है जिससे दही, पनीर, घी, मक्खन और कई प्रकार के मिष्ठान बनाए जाते हैं। गाय के दूध से बहुत सारी मिठाईयां भी बनती हैं। जब उसका बछड़ा बड़ा हो जाता है तो बैल बनकर कृषि के काम आता है। गाय का गोबर खाद व ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है। गाय के बछड़ा हल चलाने, बैलगाड़ी चलाने व राहत चलाने के काम में आता है। गाय के गोबर का प्रयोग उपले बनाने में, खेतों में खाद बनाने व कच्चे फर्श को लीपने में किया जाता है। गाय के मूत्र का प्रयोग कैंसर जैसी घटक बिमारियों के इलाज में भी उपयोग किया जाता है।

मानव समाज के लिए इतने उपयोगी होने के बावजूद भी गाय की वर्तमान दशा बहुत बुरी है। आज दुकानों में गायों का मांस बेचा जाता है। जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो उसे चंद पैसों के लिए उसे भेज दिया जाता है। दुनिया में ऐसी कई जगह है जहां गाय के मांस को खाया जाता है। कई जगह गाय का बछड़ा होते ही उसे उसकी माँ से अलग कर उसे बेच दिया जाता है। मानव जाति का ये कर्तव्य है कि गाय का आदर करें तथा उसे हर संभव रक्षा करें।

गाय बहुत ही प्यारा और उपयोगिता पशु है हमें इनका आदरपूर्वक ख्याल रखना चाहिए। यह हमारे लिए बहुत ही शर्म की बात है कि जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो कई लोग उसे बेच देते है तथा उसका पालन पोषण करना छोड़ देते है। गाय का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है। गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तो आज भी रीढ़ है। शहरों में जिस पॉलिथीन का उपयोग किया जाता है वह ऐसे ही फेंक दिया जाता है उसे खाकर गायों की असमय मौत हो जाती है। इस दशा में भी हमें गंभीरता से विचार करने होगा ताकि आस्था और अर्थव्यवस्था के प्रतीक गोवंश को बचाया जा सके। गाय की सुरक्षा करने तथा उनका पालन पोषण में मनुष्य को हर संभव प्रयास करना चाहिए।

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10 Lines on Cow in Hindi | गाय पर 10 लाइन निबंध

In this article, we are providing 10 Lines on Cow in Hindi & English. In these few / some lines on Cow, you will get information about Cow in Hindi. A short essay on Cow in Hindi for class 1,2,3,4,5,6,7,8,5,6,7,8,9,10,11,12. हिंदी में गाय पर 10 लाइनें, Checkout- Cow Essay in Hindi

10 Lines on Cow in Hindi

( Set- 1 ) Easy cow essay in hindi for 1st class

1. गाय पालतू पशु है।

2. यह कई रंगों की होती है।

3. कपिला गाय सब से उत्तम मानी जाती है।

4. इसकी चार टांगें, लंबी पूँछ और दो सींग होते हैं।

5. इसका दूध बड़ा गुणकारी होता है।

6. इसके दूध से पनीर, दही, मक्खन और घी बनते हैं।

7. इसका बछड़ा बैल कहलाता है।

8. बैलों की सहायता से खेती की जाती है।

9. इसका गोबर और मूत्र भी रोग नाशक होते हैं।

10. इन गुणों के कारण इसे गौ माता कहा जाता है।

11. श्रीकृष्ण जी गौओं से बहुत प्यार करते थे।

12. इसी कारण उन्हें ‘गोपाल’ कहा जाता है।

13. गौ की रक्षा करना हम सबका कर्त्तव्य है।

( Set- 2 ) Ten Sentence about Cow in Hindi | गाय पर 10 लाइन निबंध

1. गाय की चार पैर, दो आंखें, दो कान, एक सींग और एक पूंछ होती है।

2. गाय बहुत उपयोगी और घरेलू जानवर होता है जिसे ज्यादातर लोग,गाँव मे पालते है।

3. गाय हमें दूध देती है जो एक पूर्ण आहार है, जिसमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा हमे मिलती है।

4. गाय के दूध से हम दही, छाछ, घी, खोया, पनीर आदि प्राप्त करते हैं।

5. गाय अनेक रंगों की पायी जाती है, जिनमें से काला, सफेद और भूरा रंग मुख्य है लेकिन सफेद गाय को ज्यादातर पसंद किया जाता है।

6. गाय का मूत्र अनेक बीमारियों को दूर करता है और गाय का गोबर खाद बनाने में भी प्रयोग किया जाता है।

7. गाय का वैज्ञानिक नाम बोस टौरस (Bos taurus) होता है।

8. सामान्यतः एक गाय का जीवन-काल 20-25 वर्ष ही होता है।

9. भारत मे पायी जाने वाली गायों में गिर प्रजाति की गाय ज्यादा दूध देती है।

10. हिन्दू धर्म में गाय को माता की मान्यता दी जाती है।

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( Set- 3 ) 10 Lines on Cow in Hindi Language | cow par nibandh 10 line

1. गाय की गर्भावस्था मानव जितनी अर्थात 9 महीने तक  होती है।

2. वर्ष 1930 में एल्म फार्म ओलाइ (Elm form ollie) नामक पहली गाय ने हवाई जहाज में यात्रा की थी।

3. गाय सीढियों पर आसानी से चढ़ सकती है लेकिन उतर नही सकती है।

4. गाय के फुटप्रिंट अर्थात खुर अलग-अलग होते हैं जो उनकी पहचान बता सकते हैं।

5. गाय की सुगने की शक्ति बहुत ज्यादा होती है और एक गाय 6 मील दूर तक का भी सूंघ सकती है।

5 lines on cow in Hindi for class 1

6. गाय एक दिन में 40 पाउंड घास खा सकती है और 35 गैलन पानी पी सकती है

7. गाय के सिर्फ निचले जबड़े में ही 32 दांत होते हैं

8. गाय की दृष्टि 360° डिग्री (degree) तक होती है जिससे वो लगभग हर दिशा में देख सकती हैं।

9. गाय अपना खाना पचाने के लिए जुगाली (मुंह चलाना) करती हैं।

10. दुनिया की सबसे बड़ी गाय ब्लॉसम (Blossom) थी, जिसका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है।

( Set- 4 ) गाय का निबंध 10 लाइन  Gay Par Nibandh 10 line | Cow essay in hindi 10 lines

1. सभी पशुओं में से गाय को सबसे पवित्र पशु माना जाता है।

2. गाय दुध देने वाली पशु है और इसके दुध से फूर्ती आती हैं, याद्दाश्त तेज रहती है और देखने की क्षमता भी ज्यों कि त्यों रहती है।

3. गाय स्वभाव से बहुत ही साधारण और निर्मल होती है।

4. हिंदुओ के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है।

5. गाय के दुध से बहुत से मिष्ठान, पनीर और दही आदि बनाए जाते हैं।

6. गाय घास चारा औक अनाज आदि खाती हैं।

7. गौमूत्र से बहुत सी बिमारियों का इलाज किया जाता है।

8. गाय की बहुत सी नस्लें पाई जाती है।

9. गाय का प्रयोग कृषि कार्यों में भी किया जाता है।

10. गाय एक शाकाहारी पशु है और इसे कामधेनु के नाम से भी जाना जाता है।

10 Lines on Cheetah in Hindi

10 Lines on Elephant in Hindi

( Set- 5 ) 10 Lines Essay on Cow in Hindi

1. गाय को भारतवर्ष में एक पूजनीय पालतू पशु माना जाता है ।

2. गाय का मनपसंद भोजन घास और भूसा होता है ।

3. गाय के 32 दांत होते हैं, जिससे वह एक मिनट में लगभग 45 बार चबा सकती है ।

4. गाय संसार के सभी देशों में पाई जाती है । यह सफेद, काली, भुरी आदि रंगों की होती है ।

5. गाय औसतन 18 से 20 साल तक जीवित रह सकती है, उसका जीवन काल मुख्य उसकी नस्ल पर निर्भर करता है।

6. गाय से ताजा दूध प्राप्त होता है जो बहुत ही स्वादिष्ट वे पौष्टिक होता है ‌।

7. गाय एक बहुत ही उपयोगी पशु जिसे हम “गौ माता” भी कहते है ।

8. 1 दिन में सबसे अधिक दूध देने का रिकॉर्ड उरबे ब्लैंका नामक एक गायके नाम है, जिसने एक दिन में 265 Ibs दीया था ।

9. “Cow Chip Throw” नाम की एक विश्व चैंपियनशिप बीवर,ओकलाहोमा में आयोजित की जाती है ।

10. दुनिया भर में प्रतिदिन 900000 गाये मांस के लिए मार दी जाती है ।

# 5 lines on cow in Hindi # lines on cow in Hindi for class 1 # Gaay par nibandh

10 Lines on Importance of Trees in Hindi

इस लेख के माध्यम से हमने 10 Lines on Cow in Hindi Essay का वर्णन किया है और आप यह article को नीचे दिए गए विषयों पर भी इस्तेमाल कर सकते है।

Few Lines on cow in Hindi

class 2 essay on cow in Hindi for class 1

cow pe essay 10 lines in Hindi

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Hindi Essay

गाय पर निबंध | Essay on Cow in Hindi 500 Words | PDF

Essay on cow in hindi.

Essay on Cow in Hindi 500 + Words (Download PDF) गाय पर निबंध कक्षा 5, 6, 7, 8, 9, 10 के लिए। – इस निबंध के माध्यम से हम जानेंगे कि गाय पर एक अच्छा निबंध कैसे लिखे तो शुरू करते है।

गाय एक पालतू जानवर है। गाय का महत्व पूरे विश्व में माना जाता है , जो आमतौर पर हर जगह पाई जाती है। लेकिन अगर हम भारत की बात करें तो यह प्राचीन काल से ही भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चाहे वह दूध की बात हो या दूध से बनी मिठाई या भोजन की।

Essay on cow in Hindi

प्राचीन समय में, किसी के पास गायों को होना समृद्धि का संकेत माना जाता था। दूध उत्पादन के अलावा, यह एक बहुत ही उपयोगी घरेलू जानवर है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 190 मिलियन गायों की आबादी है।

एक गाय एक पालतू जानवर है, इसलिए इसे आमतौर पर घरों में पाला जाता है। गाय का दूध बहुत पौष्टिक होता है। एक गाय आमतौर पर एक बार में पांच से दस लीटर दूध देती है। गाय की दूध से मिठाई, छाछ, मक्खन, पनीर और दही बनाया जाता है और अन्य मिठाई गाय के दूध से बनाया जाता है। यह बीमार व्यक्ति और बच्चों के लिए बहुत उपयोगी आहार माना जाता है।

गाय का दूध अन्य जानवरों की तुलना में बहुत फायदेमंद माना जाता है। जब भैंस और गाय के दूध की तुलना की जाती है, जहां भैंस का दूध सुस्ती लाता है, जबकि गाय का दूध बच्चों में बहुमुखी प्रतिभा को बनाए रखता है। बच्चों को विशेष रूप से डॉक्टरों और विशेषज्ञ द्वारा गाय का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है।

इसके गोबर का उपयोग खेतों में उर्वरक के रूप में भी किया जाता है। इसके अलावा, गोबर को सुखाया जाता है और ईंधन के काम में उपयोग किया जाता है। फसलों के लिए सबसे अच्छा उर्वरक है । गोमूत्र बहुत पवित्र माना जाता है। गाय के घी और गोमूत्र का उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने के लिए किया जाता है।

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यहजीवन भर कुछ न कुछ देती रहती है। मृत्यु के बाद भी, उसके शरीर के हर अंग का उपयोग किया जाता है। इसकी हड्डियों से कई कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं। उपयोगी वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए गाय के चमड़े, सींग, खुरों का उपयोग प्रतिदिन किया जाता है। गाय की हड्डियों से तैयार खाद का उपयोग खेती के लिए किया जाता है और इसकी खाल को सुखाकर चमड़े के रूप में उपयोग किया जाता है।

शारीरिक संरचना:

सभी देशों में गाय की संरचना समान पाई जाती है, लेकिन गाय की ऊंचाई और नस्ल में अंतर होता है। कुछ गाय अधिक दूध देती हैं और कुछ कम देती हैं। गाय के दो कान, चार थन, एक मुंह, दो आंखें, दो सींग और दो नथुने होते हैं।

यह एक चार पैरों वाला जानवर है और उसके चारों पैरों पर खुर हैं, पैरों के खुर गाय के जूते के रूप में काम करते हैं। जिसके साथ वे किसी भी कठिन स्थान पर चल सकते हैं।

इसकी पूंछ लंबी होती है और इसके किनारे पर एक गुच्छा भी होता है, जिसका उपयोग वह मक्खियों को उड़ाने आदि के लिए करती है। गाय की कुछ प्रजातियों में सींग नहीं होते हैं। इसके मुंह के निचले जबड़े में केवल 32 दांत पाए जाते हैं, इसलिए गाय लंबे समय तक भोजन चबाती रहती है।

गायों की प्रमुख नस्लें:

दुनिया भर में गायों की कई नस्लें हैं, जिनमें से कुछ अच्छा दूध देती हैं और कुछ के शरीर मजबूत होते हैं। भारत में, मुख्य रूप से गाय की नस्लें हैं जैसे कि साहीवाल (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार), गिर (दक्षिण काठियावाड़), थारपारकर (जोधपुर, जैसलमेर, और कच्छ), करण फ्राई (राजस्थान) आदि।

विदेशों में भी गायों के कई प्रकार हैं। जिसमें जर्सी गाय सबसे लोकप्रिय है। क्योंकि यह अधिक दूध देती है। भारतीय गायें आकार में छोटी होती हैं, जबकि विदेशी गायों का शरीर थोड़ा भारी होता है। गाय कई रंगों की होती है जैसे लाल, काली, सफेद, दबी हुई।

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गाय का धार्मिक महत्व:

अन्य देशों में, गाय को केवल एक घरेलू जानवर माना जाता है, लेकिन भारत में गाय को देवी का दर्जा प्राप्त है। गाय को प्राचीन भारत और वर्तमान समय में भी समृद्धि का प्रतीक माना जाता था। ऐसा माना जाता है कि गाय के शरीर में 33 करोड़ देवता निवास करते हैं।

भारत में कई स्थानों पर लोगों और संस्थानों द्वारा गौ आश्रय का निर्माण किया गया है। जिसके माध्यम से आवारा और घायल गायों को भोजन दिया जाता है और उनका उपचार किया जाता है।

गाय शांति प्रिय और पालतू होती है। दुर्भाग्य से, शहर की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, जिस तरह से शहरों में पॉलिथीन का उपयोग कर फेंक दिया जाता है। इसके सेवन से समय से पहले गायें मर जाती हैं। हमारे भारत में गाय को माँ का दर्जा दिया गया है, इस पर विचार करने की आवश्यकता है क्योंकि यह जीवन भर कुछ न कुछ देती रहती है, इसलिए हमें इसके जीवन से कुछ सीखना चाहिए।

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FAQs. on Cow

गाय हमारे लिए कैसे उपयोगी है.

उत्तर – गाय सबसे उपयोगी घरेलू जानवर है। इसका मनुष्यों और पर्यावरण को कई अलग-अलग तरीकों से लाभ मिलता है जिसे हम पहचानने या सराहना करने में विफल होते हैं। गायों को दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के लिए डेयरी जानवरों के रूप में बढ़ाया जाता है और यह माना जाता है कि, गाय का घी बच्चों के मस्तिष्क के विकास में मदद करता है।

गाय क्या खाती है?

उत्तर – गाय घास खाती है और 50 प्रतिशत से अधिक गाय चारा वास्तव में घास है। जबकि लोग अक्सर सोचते हैं कि डेयरी गायों को उच्च अनाज वाला आहार दिया जाता है, लेकिन वास्तव में, वे मकई, गेहूं और जई के पत्तों और तनों को खाने की तुलना में अधिक बार नहीं खाते हैं।

हम गायों की पूजा क्यों करते हैं?

उत्तर – हिंदू धर्म में, अधिकांश हिंदू, हालांकि, शाकाहारी हैं और वे गाय को जीवन का एक पवित्र प्रतीक मानते हैं जिसे संरक्षित और पूजनीय होना चाहिए। वेदों की शास्त्र पुस्तक में गाय को सभी देवताओं की माता अदिति माना गया है।

गाय एक घरेलू जानवर क्यों है?

उत्तर – गायों को उनके दूध के लिए पालतू बनाया जाता है और खेतों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसका उपयोग परिवहन के लिए किया जाता है, और उनके गोबर का भी। गोबर का उपयोग महत्वपूर्ण ईंधन उर्वरक के रूप में किया जाता है। कृषि में, गायों के वर्चस्व के पीछे यह एक प्रमुख आर्थिक शक्ति है। हरित क्रांति के बाद, भारतीय खेती कुछ हद तक आधुनिक हो गई है।

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गाय पर निबंध Essay on Cow in Hindi

गाय पर निबंध Essay on Cow in Hindi

गाय पर निबंध (Essay on Cow in Hindi) कक्षा तीन से नौ तक परीक्षाओं में विभिन्न रूप से पूछा जाता है। अगर आप गाय के ऊपर निबंध की तलाश में है तो यह लेख आपके लिए सहायक सिद्ध होगा। इस लेख में गाय क्या है तथा गाय पालने के फायदे व महत्व इसलिए हो अद्वितीय बनाते हैं।

Table of Contents

प्रस्तावना (गाय पर निबंध Essay on Cow in Hindi)

गाय से हमे अनेक प्रकार के फायदे होते है। हमारे हिन्दू धर्म मे गाय को माता माना जाता है। सब लोग उसकी पूजा करते है।

गाय क्या है? What is Cow in Hindi?

  • गाय एक पालतू जानवर है। जिसके नर प्रजाति को बैल तथा मादा प्रजाति को गाय के नाम से संबोधित किया जाता है।

अगर गाय की शारीरिक संरचना की बात करें तो एक मुंह, एक जोड़ी आंखें, चार थन, एक जोड़ी सिंघ, दो नथुने तथा चार पैर होते हैं। 

गाय के पैर में लगे हुए खूर उसके लिए जूतों का काम करते हैं। गाय की पूंछ लंबी होती है तथा किनारे पर एक बाल का गुच्छा होता है जिससे वह मक्खियां उड़ाने के लिए प्रयोग करती है।

गाय एक दुधारू पशु है। जिसके दूध को मनुष्य तथा अन्य पालतू जानवरों के लिए बेहतरीन माना जाता है। मानव के द्वारा उपयोग में ली जाने वाली ज्यादातर खाद्य पदार्थ दूध पर ही निर्भर होते हैं।

भारत के अलग-अलग स्थानों पर गायों की अलग-अलग प्रजातियां देखने को मिलती हैं। जैसे जर्सी गाय यह ज्यादा दूध देने के लिए प्रसिद्ध है लेकिन यह विदेशी प्रजाति मानी जाती है।

भारत में 40 से भी ज्यादा नस्लों की गाय पाई जाती हैं जिन्हें उनके दूध देने की क्षमता से पहचाना जाता है। भारत में गाय की मुख्य प्रजातियों में गिर, साहिवाल, सुरती और हरियाणवी को शामिल किया जाता है।

गाय पालन के फायदे Benefits of cow farming in Hindi

घर में गाय पालने के अनेकों फायदे हो सकते हैं। जिसमें सबसे पहला फायदा गाय के दूध से होता है। गाय के दूध में जरूरी मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम और मिनरल होते हैं जो पोषण के लिए जरूरी होते हैं।

गाय के दूध से दही, छास, पनीर जैसे बहुत से खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं जिनमें भरपूर मात्रा में विटामिन और प्रोटीन मौजूद होते हैं।

दूध और पनीर यह भारत में सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली खाद्य पदार्थों में से एक है जो गाय तथा भैंस के दूध से ही बनाए जाते हैं।

सनातन संस्कृति में हर किसी को गाय पालने और गाय की सेवा करने का ज्ञान दिया जाता था क्योंकि गाय से अनेकों फायदे होते हैं। जैसे कि गाय ही एकमात्र पशु है जो ऑक्सीजन ग्रहण करती है और ऑक्सीजन ही त्यागती है।

अन्य दुधारू पशुओं की तुलना में गाय का दूध बहुत ही ज्यादा फायदे कारक होता है खास कर बच्चों को गाय का दूध पिलाने की सलाह दी जाती है

जहां भैंस का दूध भारी तथा सुस्ती लाने वाला होता है वही गाय का दूध बच्चों में चंचलता बनाए रखता है माना जाता है कि भैंस का बच्चा दूध पीने के बाद सो जाता है वहीं गाय का बच्चा अपनी मां का दूध पीने के बाद उछलता कूदता रहता है।

दुनिया के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा दूध से जुड़ा हुआ है। जिसमें गाय का दूध भी मुख्य रूप से पसंद किया जाता है। आज भी  गाय के ऑर्गेनिक दूध की मांग बहुत जोरों शोरों से है।

गाय के दूध को बेचकर एक बड़ा जनसमुदाय अपने लिए आजीविका कमाता है। गाय के गोबर से बेहतरीन उर्वरक बनाए जाते हैं। ऐसे उर्वरकों को बनाने में खर्च तथा उसके खराब असर न के बराबर होते हैं।

जहां गाय जीवित रहने पर हर प्रकार से मनुष्य के लिए जरूरी चीजें प्रदान करती हैं वही मरने के पश्चात भी वह अपने चमड़े तथा हड्डियों के माध्यम से मनुष्य के जीवन को सरलता प्रदान करती है।

भारत में गाय का महत्व Importance of cow in India in Hindi

कहा जाता है कि आजादी से पहले हर भारतीय परिवार के पास कम से कम एक गाय जरूर होती थी। ऐसी मान्यता है कि जिसके घर में गाय की उपस्थिति होती है उस घर में भुखमरी नहीं आती।

सनातन संस्कृति में गाय को विशेष महत्व प्रदान किया जाता है। गाय की इतनी खूबियों के कारण ही इसे देवता का दर्जा प्राप्त है। 

ऐसी मान्यता है कि गाय के शरीर में 33 करोड़ देवताओं का निवास है इसलिए दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की पूजा की जाती है जिसमें मोर पंखों से उसका श्रृंगार किया जाता है।

गाय को पालने के लिए ज्यादा खर्च की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि गाय सिर्फ हरे और सूखे चारे पर निर्भर रहती है। गाय के गोबर को सुखाकर इंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है। जिससे हवा में रहे बैक्टीरिया का नाश होता है।

पाश्चात्य रिसर्च के अनुसार गाय के पीठ पर 5 मिनट हाथ फेरने से मन प्रसन्न रहता है। प्राचीन भारत में गाय को समृद्धि का प्रतीक माना जाता था और युद्ध के समय सोना चांदी और अन्य आभूषणों के साथ गाय को भी लूट लिया जाता था।

प्राचीन समय में जिस राज्य में जितनी गाय होती थी उसको उतना ही संपन्न माना जाता था। यही कारण है की भगवान कृष्ण ने अपनी ज्यादातर लीलाएँ एक ग्वाले के रूप में की हैं। इसलिए उनका एक नाम गोपाल भी है।

दुर्भाग्य से आज गायों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो रही हैं। शहरीकरण और पाश्चात्य शिक्षा के कारण भारतीयों का एक बड़ा जनसमूह गायों को सिर्फ एक सामान्य पशु के रूप में देखने लगा है।

कई स्थानों पर गाय भूख और प्यास के कारण दम तोड़ देती हैं, कई जगहों पर अन्न की तलाश में वे रोड पर निकल आती हैं तथा एक्सीडेंट से उनकी हानि भी होती है।

सामाजिक परिस्थिति और बौद्धिक ज्ञान की अल्पता के कारण मनुष्य ने गायों को दुत्कारना शुरू कर दिया जिसके कारण वे जहरीले पदार्थ जैसे प्लास्टिक इत्यादि को खाने के लिए मजबूर हो जाती हैं तथा उन्हें तमाम रोगों और मृत्यु का सामना करना पड़ता है।

दुनिया का एक बड़ा तबका अपनी राक्षसी प्रवृत्ति के कारण गायों को मारकर उनका भक्षण करता है। गायों की इस स्थिति के लिए भारतीयों का उनके वास्तविक धर्म और ज्ञान के प्रति विमुखता ही है।

वर्तमान भारतीय सरकार ने गायों के संरक्षण के लिए तमाम कदम उठाए हैं तथा गायों की हत्या करने पर विशेष दंड का प्रावधान बनाया है जिससे गायों की स्थिति कुछ प्रतिशत बेहतर हुई है।

गाय पर 10 लाइन Best 10 Lines on Cow in Hindi

  • भारत में 40 से भी ज्यादा नस्लों की गाय पाई जाती हैं जिन्हें उनके दूध देने की क्षमता से पहचाना जाता है।
  • गाय एक दुधारू पशु है। जिसके दूध को मनुष्य तथा अन्य पालतू जानवरों के लिए बेहतरीन माना जाता है। 
  • भारत में गाय की मुख्य प्रजातियों में गिर, साहिवाल, सुरती और हरियाणवी को शामिल किया जाता है।
  • गाय के दूध में जरूरी मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम और मिनरल होते हैं जो पोषण के लिए जरूरी होते हैं।
  • गाय के दूध से दही, छास, पनीर जैसे बहुत से खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं।
  • सनातन संस्कृति में हर किसी को गाय पालने और गाय की सेवा करने का ज्ञान दिया जाता था।
  • जहां भैंस का दूध भारी तथा सुशील आने वाला होता है वही गाय का दूध बच्चों में चंचलता बनाए रखता है।
  • दुनिया के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा दूध से जुड़ा हुआ है। जिसमें गाय का दूध भी मुख्य रूप से पसंद किया जाता है।
  • दुर्भाग्य से आज गायों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो रही हैं।

निष्कर्ष Conclusion

इस लेख में अपने गाय पर निबंध हिंदी में (Essay on the cow in Hindi) पढ़ा। अगर यह निबंध आपको पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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गाय पर निबंध (Essay On Cow In Hindi)- जिस देश में आज भी पहली रोटी गाय के नाम की निकाली जाती हो, गाय को माँ के समान पूजा जाता हो, गौमाता या गैया कहकर पुकारा जाता हो, गौशाला में जाकर चारा खिलाया जाता हो और उनकी सेवा की जाती हो, उस देश में गौ हत्या होना और गौ रक्षा पर सवाल खड़ा होना वाकई अपमानजनक बात है। हमारे देश में पौराणिक काल से ही सभी जानवरों में गाय (Cow) का महत्व सबसे अधिक रहा है। शहरों से ज़्यादा गांव के लोग इस बात को ज़्यादा अच्छे से समझते हैं कि हमारे लिए गाय क्या महत्व रखती है। हिंदू धर्म में ऐसी भी मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है और गाय से मिलनी वाली हर चीज़ गाय का दूध, गौमूत्र, गाय का गोबर आदि सभी दैवीय हैं।

गाय जिसे हम अंग्रेजी में Cow बोलते हैं। वो गाय जिस पर हम शुरुआती शिक्षा के दौरान स्‍कूल में अक्‍सर निबंध लिखते आए हैं, वो गाय जिसकी हम माँ के समान पूजा करते हैं, वो गाय जिससे हमें दूध प्राप्त होता है, वो गाय जिसमें सभी देवी-देवता वास करते हैं, वो गाय जिसे द्वापर युग में भगवान कृष्ण चराया करते थे, वो गाय जिसके सिर पर दों सींग होते हैं, पीछे एक लंबी सी पूंछ होती है, चार बड़ी-बड़ी टांगे होती हैं और दो बड़ी-बड़ी आंखे होती हैं। हिंदू संस्कृति के अनुसार गाय पूरे भारतवर्ष के लोगों की माता है, जो पूजनीय और वंदनीय है। हिंदू धर्म के लोगों में ऐसी मान्यता है कि गाय की सेवा से बढ़कर और कोई सेवा नहीं है। हिंदुस्तान में आज भी पहली रोटी गाय को खिलाई जाती है। गाय भारत के गांवों की अर्थव्यवस्था को बनाए रखने मुख्य भूमिका निभाती है।

अन्य जानवरों पर निबंध भी पढ़ें

गाय का महत्व

ये मान्यता है कि गायों का जन्म समुद्र मंथन के दौरान हुआ था और उन्हें स्वर्ग में जगह मिली थी। हमारी पौराणिक कथाओं में भी गायों की महिमा और उनके महत्व के बारे में बताया गया है। गाय सभी जानवरों में सबसे सीधी पशु है, जो जिंदा रहने तक ही नहीं बल्कि मरने के बाद भी इंसानों के काम आती है। गाय का घी, गाय का दूध, गौमूत्र और गाय का गोबर भी अलग-अलग कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। देश-विदेश के वैज्ञानिकों ने भी इस बात को माना है कि गाय बहुत ही गुणकारी पशु है।

गाय का दूध ही नहीं बल्कि गाय के दूध से बनीं दूसरी चीज़ें, जैसे- दही, मक्खन, पनीर, छाछ आदि सभी डेयरी उत्पाद बहुत ही फायदेमंद होते हैं। इन सभी चीज़ों का सेवन करने से हमें ताकत और प्रोटीन मिलता है। गांवों में आज भी गाय के गोबर के उपले बनाकर उन्हें आग जलाने के काम में लिया जाता है और गाय के गोबर से खाद बनाई जाती है, जो खेती के काम में आती है। आयुर्वेद में भी इन सभी चीज़ों का अधिक महत्व है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो गाय का हम सभी के जीवन में बहुत महत्व है।

गाय के प्रकार

हमारे देश में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग प्रकार की गाय पाई जाती हैं, जैसे-

साहीवाल गाय- उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब

गिर गाय- गुजरात

लाल सिंधी गाय- कर्नाटक

राठी नस्ल, कांकरेज, थारपरकर- राजस्थान

दज्जल, धन्नी- पंजाब

मेवाती- हरियाणा

गाय की उपयोगिता

गाय एक पालतू जानवर है, जिस घरों और गौशाला में पाला जाता है। गाय का दूध सुबह और शाम के समय निकाला जाता है। अच्छी नस्ल की गाय एक समय में पांच से दस लीटर तक दूध दे सकती है। दुधारू गाय की नस्ल और कुछ अलग नस्ल की गाय ज़्यादा दूध भी देती हैं। गांवों में किसान गाय-बैलों को खेतों में हल जोतने के काम में लेते हैं, बैलगाड़ी बनाकर उसकी सवारी करते हैं और माल ढोने के काम में भी लेते हैं। गाय का दूध दही, छाछ, पनीर, मिठाइयां बनाने के काम में लिया जाता है। गाय का गोबर सुखाकर उसे ईंधन के काम में लिया जाता है और खेतों में खाद के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

अब तो लोग गाय का मांस भी खाने लगे हैं, जिसे बीफ के नाम से जाना जाता है। गाय अपने पूरे जीवन में हमें कुछ ना कुछ देती ही रहती है। एक गाय के मरने के बाद उसकी हड्डियाँ कलाकृतियाँ बनाने के काम में ली जाती हैं और गाय की चमड़ी का इस्तेमाल चमड़े की चीज़ों को बनाने के लिए किया जाता है। गाय के मूत्र यानी कि गौमूत्र को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना गया है। गौमूत्र को आयुर्वेदिक औषधियाँ और दवाइयाँ बनाने के लिये इस्तेमाल में लिया जाता है, जिससे कई बड़ी-बड़ी बीमारियों का इलाज किया जाता है।

धर्म और जाति से ऊपर उठकर हमें इंसानियत के नाते हमेशा गाय की रक्षा करनी चाहिए, सेवा करनी चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए। गाय भले ही बोल न पाती हो लेकिन हमें इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए कि हमारी वजह से उन्हें को तकलीफ न पहुँचे। अगर हम गाय की रक्षा नहीं कर सकते, तो हमें उन्हें दुखः भी नहीं पहुँचाना चाहिए।

गाय पर निबंध कक्षा 1 से 12 के लिए

अगर आप और आसान भाषा में Cow Nibandh In Hindi पढ़ना चाहते हैं, तो नीचे से आप हिंदी में गाय पर निबंध कक्षा 1 से 12 (Cow Essay In Hindi For Class 1st to 12th) तक के लिए प्राप्त कर सकते हैं।

गाय पर आसान निबंध 100 शब्द

गाय पर निबंध (Gay Par Nibandh)- गाय एक पालतू और शाकाहारी पशु है। गाय का स्वभाव बहुत की कोमल होता है। हिंदू धर्म के लोग गाय की पूजा करते हैं। भारत में गाय को गौमाता कहकर बुलाया जाता है। गाय के चार पैर, एक लंबी पूंछ, दो सींग, दो कान, दो आंखें, एक बड़ी नाक, एक बड़ा मुंह और एक सिर होता है। देश के हर राज्य में अलग-अलग तरह की गाय पाई जाती हैं। गाय से हमें दूध मिलता है। गाय का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है। गाय के दूध से घी, दही, मक्खन, छाछ, मिठाई आदि तैयारी की जाती है। गाय हरी घास और चारा खाती है। गाय के गोबर से बनी खाद खेती के काम में ली जाती है। हम सभी को गाय का सम्मान करना चाहिए।

गाय पर 10 लाइनें

गाय का निबंध 10 लाइन (Gay Par Nibandh 10 Line)-

1. गाय को इंग्लिश में काऊ (Cow) कहा जाता है।

2. गाय एक पालतू जानवर है।

3. हिंदू धर्म के लोग गाय को माँ मानते हैं और उसकी पूजा करते हैं।

4. गाय केवल शाकाहारी भोजन, घास और चारा खाती है।

5. गाय का दूध पीने से हमारे शरीर को ताकत मिलती है।

6. गाय के दूध से घी, दही, मलाई आदि बहुत सी खाने की चीज़ें बनाई जाती हैं।

7. गाय का वजन 400 से 500 किलो तक होता है।

8. गाय के मूत्र से कई आयुर्वेदिक औषधियाँ बनाई जाती हैं।

9. गाय बहुत ही लाभकारी जानवर है।

10. हम सभी को गाय की सेवा और उनकी रक्षा करनी चाहिए।

गाय पर अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

People also ask on cow par nibandh in hindi

प्रश्न- क्या गाय पालतू जानवर है?

उत्तरः हाँ, गाय एक पालतू जानवर है।

प्रश्न- गाय का वाक्य क्या होगा?

उत्तरः मोहन सोहन की गाय को लेकर नौ-दो ग्यारह हो गया।

प्रश्न- गाय हमें क्या-क्या देती है?

उत्तरः गाय हमें दूध देती है।

प्रश्न- गाय के पैर छूने से क्या होता है?

उत्तरः हिंदू धर्म के अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी-देवाताओं का वास होता है और उनके पैरों में सारे तीर्थ का वास माना गया है। गाय के पैर छूने से पुण्य मिलता है।

प्रश्न- गायों को पालने वाले को क्या कहते हैं?

उत्तरः गायों को पालने वाले को गौ सेवा करने वाला कहते हैं।

प्रश्न- काली गाय का क्या महत्व है?

उत्तरः हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार काली गाय को घास खिलाने से पापों से मुक्ति मिलती है।

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गाय पर निबंध | Cow Essay in Hindi | Essay on Cow in Hindi | गाय का निबंध

Cow essay in hindi 10 lines, गाय पर निबंध 250 शब्दों में.

Cow essay in Hindi

गाय पर निबंध पर आपकी राय 

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the cow essay 20 lines in hindi

Essay on Cow in Hindi | गाय पर निबंध हिंदी में

Essay on Cow in Hindi

Table of Contents

Essay on Cow in Hindi | गाय पर निबंध हिंदी में {100 Words}

Essay on Cow in Hindi: गाय भारत की एक सबसे अधिक सम्मानित जानवर है, जिसे माँ का दर्जा मिला हुआ है। भारतीय शास्त्रों में लिखा हुआ की गाय में 33 प्रकार के देवताओं का वास होता है।

इसी वजह से गाय को भारत मे पूजा जाता है। गाय का दूध काफी उत्तम माना जाता है। गाँवों में खासकर घर घर मे गाय होती है। यह दिन में दो बार दूध देती है। यदि गाय का दूध छोटे बच्चों को पिलाया जाए तो उनमें स्फूर्ति आती है।

गाय एक बहुत ही संवेदनशील जानवर भी मानी जाती है। यदि घर में किसी तरह का दुख है तो गाय भी अक्सर दुखी नजर आती है। हिन्दू धर्म के लोग गाय माँ की तरह पूजते हैं।

गौ सेवा इस संसार से मुक्ति का द्वार भी माना जाता है इसलिए गाय का महत्व हमारे समाज मे और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

10 Lines On Cow in Hindi

  • गाय एक चार पैरों वाली जानवर है, जिसके दो आँख, दो कान, एक मुँह, दो सींग, एक लंबी पूँछ और 2 आँखे होती है।
  • गाय के चार थन होते हैं , जिनसे दूध निकलता है।
  • भारत मे गाय को माँ का दर्जा दिया गया है , इसीलिए गाय की पूजा की जाती है।
  • गाय एक शाकाहारी जानवर है जो घास, भूसा आदि खाती है।
  • गाय की विभिन्न नस्लें मौजूद है, जो अलग अलग देशो में पाई जाती है।
  • गाय के दूध से विभिन्न प्रकार की मिठाईयां बनती है।
  • गाय एक अहिंसक और सामाजिक जानवर है।
  • भारत मे गौ पालन का विशेष महत्व है इसलिए गाय पाला जाता है।
  • गाय के लिए गौ शालाएं भी खुलवाई जाती है जहाँ आवारा गायों को रखा जाता है।
  • गाय के गोबर का उपयोग ईंधन के रूप में भी किया जा सकता है।

5 Sentences About Essay On Cow in Hindi

  • गाय के गोबर का उपयोग जैविक खाद के रूप में किया जाता है।
  • गौ मूत्र का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है।
  • मादा गाय साल भर में 1 बच्चे को जन्म देती है।
  • नर गाय को बैल कहा जाता है।
  • एक स्वस्थ गाय 18-20 वर्ष तक जिंदा रहती है।

Essay on Cow For Class 1 in Hindi (150words)

प्रस्तावना .

हमारे समाज मे गाय को एक विशेष स्थान दिया गया है। ये एक पूज्यनीय जानवर है, जिसका महत्व बहुत ज्यादा है। गाय न सिर्फ आध्यात्मिक रूप से बहुत अहम जानवर है बल्कि गाँवों की अर्थव्यवस्था में भी बहुत अहम किरदार निभाती है।

गाय की संरचना.

गाय एक चतुष्पदी जानवर है। सभी चतुष्पदी जानवरों की तरह इसके भी चार पैर रहते हैं। दो आँखें, दो कान और एक मुँह के अलावा गाय के सिर में दो सींग होती है, जिससे वो अपनी सुरक्षा करती है।

गाय में एक उदर होता है जो काफी बड़ा होता है। शरीर के पिछले हिस्से पर एक लंबी पूछ होती है,जिसकी सहायता से वो अपनी सफाई करती है।

गाय जुबाली भी करती है। यानी कि पहले वो खा लेती है, जो उसके पेट मे चला जाता है। इसके बाद पेट मे गए भोजन को दोबारा गाय खिंचती है और फिर से चबाती है।

यदि गाय जुबाली करती है तो इसका मतलब है कि वह स्वस्थ है। यदि गाय जुबाली नही करती तो गाय बीमार है।

गाय एक बहुत ही फायदेमंद जानवर है। इसका दूध पीने से छोटे बच्चो में फुर्ती आती है और दिमाग तेज होता है।

Short and Long Essay on Cow in Hindi (300words)

गाय एक सी पशु है जिसको माँ का दर्जा दिया गया है। खासकर यदि भारत मे मौजूद हिन्दू समुदाय की बात करें तो गाय उनकी आस्था का केंद्र है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में लिखा हुआ है कि गाय में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास रहता है।

यदि कोई व्यक्ति अपने जीवनकाल में गाय की सेवा करता है और उनका खयाल रखता है तो मृत्यु के उपरांत उसे भवसागर से मुक्ति मिल जाती है।

गाय से प्राप्त चीजों की उपयोगिता.

गाय से हमें गोबर, गौ मूत्र, दूध, दही, मक्खन, छाछ और आदि मिलता है, जिनका अलग अलग उपयोगी होता है।

गाय से मिलने वाली सभी चीज़े उपयोग में आती है। इसी वजह से प्राचीन काल से ही गाय हमारे जीवन का हिस्सा रही है।

गाय के गोबर से गोबर गैस बनाई जा सकती है। साथ ही गोबर की खाद भी बना सकते हैं, जिसे खेतों में डालने के बाद उनकी उर्वरक क्षमता बढ़ती है, और किसी तरह का नुकसान भी नही होता।

जब गाय बनी हमारे जीवन का हिस्सा.

हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है। ऐसे में किसानों को किसी ऐसे जानवर की जरूरत थी जो उनके साथ रह भी सकें और उनकी जरूरतें पूरी कर सकें।

इस जगह पर गाय सबसे उपयुक्त रही क्योंकि खेतों की फसल के बाद जो अतिरिक्त कचरा बचता था, वह गाय खा सकती थी।

साथ ही खेतों में घास भी मिल जाती थी, जिससे उनका भरण पोषण हो जाता था। गाय की एक और सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये बहुत ही शांत स्वभाव की होती है। उनसे किसी को कोई खतरा नही होता है। इस वजह से किसी को गाय पालने में भी दिक्कत नही होती है।

गाय का महत्व बहुत ज्यादा है। हम सब गाय को पूजते हैं, उन्हें माँ का भी दर्जा देते हैं लेकिन धरती का यह खूबसूरत जीव कभी कभी धार्मिक विवादों का केंद्र बन जाता है और इंसानों की इस लड़ाई में बेवजह इस जानवर से अच्छा व्यवहार नही किया जाता।

इसलिए यह समझना बहुत जरूरी है कि जानवरों में भी जान होती है और उन्हें भी दर्द होता है। जानवरों के भी अधिकार है और उन्हें उन अधिकारों से वंचित नही करना चाहिए।

Essay on Cow in Hindi (1000words)

वैसे तो हर एक जानवर बहुत ही प्यारा होता है लेकिन सभी मामलों में गाय को शास्त्रों में एक विशेष स्थान दिया गया है। गाय वह जानवर है जिनकी पूजा होती है और घर मे बनी पहली रोटी गाय को देने के लिए कहा जाता है।

शास्त्रों में इस लिखा है कि गाय जन्म उस वक़्त हुआ था जब देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन चल रहा है। समुद्र मंथन से कई चीज़े निकली थी, जिनमे से एक गाय भी थी।

गाय के सभी प्रकार

गाय भी अलग अलग प्रकार की होती है, जैसे कि हमारे देश मिलने वाली देश गाय कद में छोटी होती है वही दूसरे देशों की गाय का कद बड़ा होता है। रंग-रूप,कद-काठी और दूध देने की क्षमता के आधार पर गाय को कई अलग अलग वर्गों में विभाजित किया गया है:-

साहीवाल प्रजाति की गाय गाय

साहीवाल गाय का जन्म पाकिस्तान के साहीवाल में माना जाता है। यह गाय देशी नस्ल की सभी गायों की तुलना में सबसे ज्यादा दूध देती है।

यदि इस गाय को सही भोजन दिया जाए तो यह प्रतिदिन 18-20 लीटर दूध देने में सक्षम है। इस गाय की कीमत भारत मे 40,000-60,000 रु. तक रहती है।

भारत मे यह गाय मुख्य रूप से हरियाणा, पंजाब में मिलती है। जो दूध का व्यापार करते हैं उन्हें यह गाय बहुत ही ज्यादा पसंद आती है।

गीर प्रजाति की गाय

ये भी भारतीय मूल की ही गाय है जो दक्षिण भारत के कठियाबाद में मुख्य रूप से मिलती है। एक वयस्क गाय प्रतिदिन 12 लीटर से भी ज्यादा दूध दे सकती है। ऐसी इन गायों की उम्र अधिकतम 15 वर्ष तक होती है।

अपने पूरे जीवनकाल में ये गायें 10-12 बच्चों को जन्म देती है। देशी नश्ल की ये गायें भी बहुत दुधारू मानी जाती है और दूध का व्यापार करने वाले लोग अधिकतर इन्ही को पालते हैं।

लाल सिंधी प्रजाति की गाय.

यह गाय पंजाब के सिंध प्रांत में मिलती है इसलिए इसके नाम के सिंधी शब्द जुड़ा है। इसका रंग गहरा लाल होने की वजह से लाल सिंधी गाय कहा जाता है।

यह गाय साल में औसतन 1600 लीटर दूध दे ही देती है। इस वजह से इसे भी दुधारू गाय माना जाता है। इसका शारीरिक आकार भी औसत ही होता है।

राठी नस्ल, कांकरेज, थारपरकर प्रजाति की गाय.

यह गाय मुख्य रूप से राजस्थान में मिलती है। यह भी एक देशी नश्ल की दुधारू गाय मानी जाती है, जो प्रतिदिन 6-8 लीटर दूध दे ही देती है।

इन्ही गायों के ऊपर एक यूनिवर्सिटी में शोध हुआ था, जिसमे इनके खान पान पर विशेष ध्यान देने के बाद इनकी दूध देने के क्षमता दोगुना से भी ज्यादा हो गई थी।

कंगायम प्रजाति की गाय.

इस प्रजाति की गायें दक्षिण भारत के कोयंबटूर में अधिक पाई जाती है। एक बार जब ये गायें दूध देना शुरू कर देती है तब से लेकर 12 साल तक दूध देती है। इस नश्ल की गायें बहुत ही ज्यादा फुर्तीली होती है।

मेवाती प्रजाति की गाय

इस प्रजाति की गाय मुख्य रूप से हरियाणा राज्य में मिलती हैं। इन गायों के पैर लंबे होते हैं साथ ही गिर जाति के गायों से इनके कुछ लक्षण मिलते जुलते है। ऐसी गायें दुधारू मानी जाती है जो कम से कम 12 वर्षों तक तो दूध देती ही है।

गाय का महत्व (Importance of Cow in Hindi)

भारत मे गाय को बहुत ज्यादा महत्व दिया जाता है,खासकर गाँवों में। कई लोगो के जीविका का आधार ही गाय होती है। वो गायों से मिलने वाले दूध को बेचते हैं और पैसे कमाते हैं। इसके अलावा भी गाय के कई महत्व है.

गाय का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व (Religious and spiritual importance of Cow)

भारत मे गाय सिर्फ एक जानवर नही है बल्कि करोड़ो हिंदुओ के लिए आस्था का केंद्र है। ऐसा माना जाता है कि गाय में 33 करोड़ देवी देवताओं का निवास होता है। गाय जिस भूमि पर कदम रख देती है वह भूमि पवित्र हो जाती है। गाय को पवित्रता का प्रतीक माना गया है। साथ ही गाय सबसे पवित्र जानवर भी है।

भारत मे कई ऐसे त्यौहार है जहाँ जब न सिर्फ गायों की पूजा होती है बल्कि साथ बैल भी पूजे जाते हैं। दीपावली के पहले भगवान धनवंतरी के साथ गाय को भी पूजा जाता है।

वही श्रावण मास के आखिरी में बैल को भी पूजा जाता है। गायों का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है। जब कोई व्यक्ति अपनी मृत्युशैया पर होता है तब उसके हाथों से गौदान करवाया जाता है।

इसके पीछे मान्यता है कि मृत्यु के बाद आत्मा को रास्ता दिखाने का काम गाय ही करती है। हमारे रसोई में बनने वाली पहली रोटी गाय को ही दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि पहली रोटी गाय को देने से रसोई में माँ अन्नपूर्णा का निवास हमेशा बना रहता है।

कृषि क्षेत्र में गाय का महत्व (Importance of Cow in Agriculture)

किसी एक गाय को कुल गोबर 5 एकड़ भूमि को उर्वरक बना सकता है, साथ मे गौमूत्र 10 एकड़ भूमि से कीट-पतंगों का सफाया कर सकते हैं। गाय के गोबर और मूत्र से जो खाद बनती है वह न सिर्फ भूमि की उर्वरक छमता को बढ़ाती है बल्कि साथ पानी का खपत भी कम होता है। खेतों में गोबर की खाद डालने से 5 गुना कम पानी की जरूरत पड़ती है।

गाय के दूध से बनने वाले उत्पाद का महत्व (Importance of Cow’s Milk Product)

गाय के दूध से बनने वाले उत्पादों का महत्व न सिर्फ भारत मे है बल्कि पूरी दुनियाँ में है। गाय के दूध से घी, दही, छाछ, पनीर आदि चीज़े बनती है जो न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य के लिहाज से तो बहुत अच्छी है ही साथ मे लोगो को रोजगार भी उपलब्ध कराती है।

भारत जैसे देश में जहाँ हर माह कोई न कोई त्यौहार जरूर आता है, मिठाई की खपत बहुत ही ज्यादा होती है। जिन लोगो के पास पास अच्छी मिठाई बनाने का हुनर है वो अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

गाय के गौ मूत्र का महत्व (Importance of Cow Urine)

भारतीय आयुर्वेद (Essay on Cow in Hindi) में गौमूत्र का बहुत अधिक महत्व है। इसमे कई ऐसी दवाइयों का जिक्र किया गया है जिसमे गौमूत्र का इस्तेमाल किया जाता है।

खासकर त्वचा से संबंधित बीमारियों को दूर करने के लिए गौमूत्र बहुत ही ज्यादा उपयोगी है।

महाभारत के नकुल को गौमूत्र से जुड़ी कई उपाय मालूम थे जिनका जिक्र मिलता है। इसमे बताया गया है कि यदि किसी जहरीली वस्तु को 3 से 7 दिन गौ मूत्र में रखा जाए तो उसका जहर खत्म हो जाता है।

इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि गौ मूत्र को यदि पूरे घर मे छिड़का जाए तो इससे घर मे शुद्धता आती है।

गाय के गोबर का महत्व (Importance of Cow Dung)

गाय के गोबर (Essay on Cow in Hindi) का उपयोग लोग ईंधन के तौर पर भी करते हैं। गोबर के कंडों से गाँव मे भोजन बनता है। गोबर की मदद से ही गोबर गैस और गोबर की खाद बनती है। गोबर की खाद खेतों में डालने से इसकी उर्वरक क्षमता में काफी इजाफा होता है।

गोबर के कंडे जलाने से वातावरण में मौजूद कीटाणुओं का खात्मा होता है साथ ही वातावरण का तापमान संतुलित रहता है। 1984 में जो भोपाल गैस हादसा हुआ था, उसमे करीब 20,000 से भी ज्यादा लोगो की मृत्यु हो गई थी, जिनके घर मे गोबर से छपाई हुई थी, वो सभी बच गए थे।

गाय की घी का महत्व.

जिस तरह से पीपल का पेड़ स्वच्छ ऑक्सीजन देता है, जबकि बाकी अभी पेड़ Co2 छोड़ते हैं,ठीक उसी तरह घी से भी ऑक्सीजन मिलता है। यदि हम गाय के जलते हुए कंडे में एक चम्मच घी भी डालते हैं तो 1 टन ओसिज़न पैदा होती है। इसी वजह से हवन करते वक़्त गाय के गोबर से बने कंडे और घी से हवन किया जाता है।

गाय एक ऐसा जानवर जो बहुत उपयोगी है। उसके द्वारा हमें जो भी मिलता है वो सब कुछ हमें फायदा ही पहुचाता है। लेकिन फिर भी गायों की स्थिति उतनी अच्छी नही है।

खासकर शहर की गायें, सड़क की गायें पन्नी, कागज खाती है जिससे उनके पेट मे ये सब जमा हो जाता है और फिर इसकी वजह से इनकी मृत्यु हो जाती है। इस पर कुछ ध्यान देना जरूरी है।

कामधेनु गाय से संबंधित प्रचलित कहानी.

ऐसा कहा जाता है प्रथम गाय कामधेनु गाय थी जिसका जन्म समुद्र मंथन से हुआ था। कामधेनु गाय से जो भी मांगा जाता है वह मिल जाता था।

कामधेनु गाय सभी की इच्छा पूर्ति करने वाली थी। इसी वजह से हर कोई कामधेनु गाय को पाना चाहता था। लेकिन कोई पा नही सका।

कामधेनु गाय के बारे में एक कथा बहुत ही ज्यादा प्रचलित है। एक बार सहस्त्रार्जुन ऋषि जमदग्नि के आश्रम गए। ऋषि के पुत्र परशुराम थे। ऋषि ने राजा और उसकी विशाल सेना का पूरे दिल से स्वागत किया।

सभी सेना के लिए भोजनादि का प्रबंध किया। लेकिन राजा यह देखकर हैरान था कि सेवकों की संख्या भी ज्यादा नही है फिर भी इतना जल्दी सब कुछ कैसे हो रहा है।

तब राजा को पता चला कि ऋषि के पास एक गाय है जो इच्छा पूर्ति कर देती है। गाय के बारे में सुनते ही राजा के मन मे गाय लेने की लालसा जाग उठी। उसने तुरंत ऋषि से गाय लेने की इच्छा जाहिर की लेकिन ऋषि ने यह कहते हुए मना कर दिया कि आश्रम में ज्यादा सेवक नही है।

लेकिन राजा को तो ले ही जाना था। इसलिए उसे गुस्सा आ गया और उसने ऋषि का आश्रम तहस नहस कर दिया और जबरजस्ती गाय ले जाने की कोशिश करने लगा।

लेकिन वह ऐसा कर नही पाया और गाय स्वर्ग चली गई। इसके बाद जब भगवान परशुराम आये और यह सब देखा तो उन्हें बहुत गुस्सा आया और उन्होंने सहस्त्रबाहु को मारने का संकल्प किया।

इसके बाद वो सहस्त्रबाहु ही नगरी उसे मारने के लिए निकल पड़े। उसके बाद सहस्त्रबाहु अर्जुन और भगवान परशुराम के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमे परशुराम को विजयी प्राप्त हुई। इस युद्ध मे सहस्त्रबाहु को परशुराम ने कई टुकड़ों में काट दिया था।

गौ माता के उद्धरण ( Gau Mata Quotes in Hindi)

गाय का मान ही राम का मान है। राम का जन्म गौ का ही वरदान है॥ गाय के वंश से भूमि हँसती सदा। गाय में राष्टृ की शान वसती सदा॥ गोबर से उर्वरा धरती को करती हैं। चमड़ी भी अपनी हमको अर्पित करती हैं॥ रोम-रोम जिनका करता है उपकृत हमको। दूध-दही-घृत से पूरित करती जीवन को॥

खेतों में इसके गोबर से, हम सोना उपजायें। भारत की पावन भूमि से, कटता गोवंश बचायें॥ गोरक्षा कर कृष्ण चन्द्रजी, गोवर्धन, गोपाल कहलाये। गोरूपी पृथ्वी की पुकार सुन, प्रभु श्रीराम जन्म ले आये॥

(Essay on Cow in Hindi) जब गाय नहीं होगी, गोपाल कहां होंगे। हम सब इस दुनियाॅ में, खुशहाल कहाॅ होंगे॥ जब गाय नहीं होगी……. सिंगो पर गऊ माॅ ने; सृष्टि ये धारी है। भोले शिवशंकर की, नन्दी पे सवारी है। नन्दी के बिना भोले, असवार कहाॅ होंगे॥ जब गाय नहीं होगी……. हत्या कर परोस देते हैं तन थाली में। रक्त बहा देते हैं माता का नाली में॥ चलो करें संकल्प बंद हो इनकी ह्त्या। वरना पाप डंसेगा हमको बनकर कृत्या॥

सब वेद पुराण गाय की महिमा गाते है, गाय की रक्षा करने स्वयं भगवान आते है .

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Cow Essay in Hindi | 10 Lines on cow in Hindi | गाय पर निबंध हिंदी में

यहां हम छात्रों के लिए ‘गाय’ पर निबंध (cow essay in hindi) लिखने के लिए कुछ जानकारिया आपलोगो के साथ साझा कर रहे हैं, जिसकी मदद से छात्र और छत्राए अपने स्कूल के परीक्षा या प्रोजेक्ट के लिए गाय (gay par nibandh hindi mein) निबंध आसानी से पढ़ कर लिख सकते हैं।

गाय पर हिंदी में निबंध (Gay Par Nibandh)

इस लेख में हम जानेंगे कि गाय को माता क्यों कहा जाता है, भारतीय संस्कृति में गाय का क्या महत्व है, गाय के क्या उपयोग हैं आदि। हिंदू धर्म में गाय को माता के समान माना जाता है और उसे “गौ माता” कहकर संबोधित किया जाता है। गायें पूरी दुनिया में पाई जाती हैं और दुनिया भर में उन्हें पालतू जानवर के रूप में रखा जाता है। हमारे देश भारत में गाय को हिंदू धर्म में पूजनीय माना जाता है। अक्सर छात्रों को असाइनमेंट के तौर पर या परीक्षा में गायों पर निबंध (Cow Par Nibandh) लिखने के लिए कहा जाता है। यह पोस्ट कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए 100, 150, 200, 250, 350 शब्दों में गाय पर (Essay on Cow in Hindi) पैराग्राफ प्रदान करता है।

गाय पर सबसे आसान 8 लाइन (8 Lines On Cow In Hindi)

  • गाय एक पालतू जानवर है।
  • गाय के 4 पैर, 2 सींग और एक पूंछ होती है।
  • गाय का दूध स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • दही और घी भी खाने में स्वादिष्ट होते हैं।
  • गोबर का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है।
  • गाय एक शाकाहारी पशु है।
  • यह घास, पत्ते, और फल खाता है।
  • गाय एक शांत और सहयोगी पशु है।

गाय   पर 10 लाइन (10 lines on Cow in Hindi)

  • गाय हमारी माता होती है।
  • गाय एक पालतू जानवर है जिसे कई लोग दूध आपूर्ति के लिए पालते हैं।
  • गाय का मुख्य आहार घास भूसा, चोकर, पत्ते और हरी सब्जियां खाती है|
  • गाय के बच्चे को बछड़ा कहते हैं।
  • हिन्दू धर्म के अनुसार गाय में सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है।
  • गाय के दूध में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
  • गाय के दूध से घी, मक्खन जैसे अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ भी बनाये जाते है।
  • गाय के गोबर का उपयोग उर्वरक के रूप में खेतों में उपज बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  • गाय के घी और मूत्र का उपयोग कई औषधियां बनाने में किया जाता है।
  • हिंदू धर्म में गायों को पवित्र माना जाता है और उसकी हत्या करना महापाप माना जाता है।

गाय की शारीरिक संरचना

गाय का शरीर भारी होता है| गाय का एक मुंह, दो आंखें, दो कान, चार थन, दो सींग चार पांव होते हैं। पांवों के खुर गाय के लिए जूतों का काम करते हैं। गाय की पूंछ लंबी होती है तथा उसके किनारे पर एक गुच्छा भी होता है, जिससे वह मक्खियां उड़ाने का काम करती है।

गाय की उपयोगिता

गाय का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है। यह बच्चों और बीमारों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। दूध से दही, पनीर, मक्खन, घी आदि बनते हैं। गाय का गोबर खेती के लिए एक अच्छा खाद है। यह ईंधन के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। गाय का गोमूत्र कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।

गाय के रंग: गाय कई रंगों की होती है, जैसे सफेद, काला, लाल, बादामी तथा चितकबरी होती है।

300 शब्दों में गाय पर निबंध (Cow Essay in 500 Words)

गाय क्या है .

गाय एक घरेलू जानवर है. यह हमारे समाज में पूजनीय जानवरों में से एक माना जाता है। गाय को मनुष्यों के लिए सबसे उपयोगी प्रजातियों में से एक माना जाता है और देश के सभी क्षेत्रों में इसकी पूजा की जाती है। गाय हमें दूध देती है, जिसका उपयोग दही, पनीर, घी आदि सहित विभिन्न उत्पाद बनाने में किया जाता है।

गाय का चरित्र ?

हिंदू धर्म में गाय को ‘गौ माता’ कहा जाता है और उसकी पूजा की जाती है। मानव जीवन में गाय की भूमिका की बात करें तो गाय हमें दूध देती है। दूध के कई फायदे हैं जो व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। दूध में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो मानव शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। गायें न केवल हमें दूध या उससे बने उत्पाद प्रदान करती हैं, बल्कि वे हमारी कृषि को कई मायनों में सफल बनाने में भी भूमिका निभाती हैं, चाहे वह गोबर से खाद बनाना हो या भूमि को अधिक उपजाऊ बनाने के लिए खेती करना हो।

गाय का महत्व

मानव जीवन में गाय का बहुत महत्व है। हमारे उपयोग के लिए, गायें अनाज काटने के बाद पौधे के बचे हुए हिस्सों को खा सकती हैं, जो उनका चारा है। इस तरह, किसान और कंपनियां उप-उत्पादों के लिए भुगतान न करके पैसे बचा सकते हैं और उन्हें पशु आहार के रूप में बेचकर पैसा कमा सकते हैं।

गाय पालने के क्या फायदे?

गाय के गोबर और गोमूत्र के अनेक फायदे हैं। ये दोनों पदार्थ कीटनाशक और फफूंदनाशक बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा गाय का दूध भी बहुत उपयोगी होता है, यह कई तरह के डेयरी उत्पाद बनाने में मदद करता है।

500 शब्दों में गाय पर निबंध (Essay on Cow in 500 Words)

गाय, भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण पशु है। यह हिन्दू धर्म में मातृका के रूप में पूजी जाती है और उसे ‘गौ-माता’ कहा जाता है। गाय का सम्बंध भारतीय ग्राम्य जीवन से है और यह देश के अनेक हिस्सों में एक सांझीविनी स्त्री की भूमिका निभाती है।

गाय को गायिनी और बछड़े को गौरक्षक कहा जाता है। गाय का दूध, दही, घी और मुट्ठी भर में गोबर कई उपयोगी चीजें उत्पन्न करते हैं। गाय का दूध आहार में बहुत ऊर्जा प्रदान करता है और इसमें विटामिन और पोषण भरपूर मात्रा में होता है। गाय के गोबर से खेतों में खाद बनती है और इसे अनेक औषधियों की खेती के लिए भी प्रयुक्त किया जाता है।

गाय को हमारे जीवन में सांस्कृतिक महत्व भी है। हिन्दू धर्म में, गाय को देवी के रूप में पूजा जाता है और इसे संतान सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। गाय की पूजा विशेष रूप से गौ-पूजा अखंडित भारत में की जाती है, जो गाय को धर्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बना देती है।

गाय एक बहुउपयोगी पशु है। यह मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। गाय के दूध, घी, गोबर, और मूत्र सभी का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। गाय का दूध मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। यह प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन, और अन्य पोषक तत्वों का एक उत्कृष्ट स्रोत है। गाय का दूध बच्चों, रोगियों, और वृद्धों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है।

गाय का घी भी एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और पाचन में सहायता करता है। गाय का घी आयुर्वेदिक दवाओं में भी प्रयोग किया जाता है। गाय का गोबर एक उत्कृष्ट उर्वरक है। यह मिट्टी को उपजाऊ बनाता है और फसलों की पैदावार बढ़ाता है। गाय का गोबर ईंधन के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

गाय का मूत्र भी औषधीय गुणों वाला होता है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। गाय एक शांत और सौम्य स्वभाव का पशु है। यह मनुष्यों के प्रति स्नेहपूर्ण होता है। गाय की सेवा करने से मनुष्य को पुण्य प्राप्त होता है। गाय हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है। यह हमें भोजन, ऊर्जा, और औषधि प्रदान करती है। गाय की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।

गाय का धार्मिक महत्व

भारत में गाय को एक पवित्र पशु माना जाता है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। गाय को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। गाय को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

हिंदू धर्म में गाय की पूजा की जाती है। दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा के अवसर पर गायों की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन गायों को सजाया जाता है और उन्हें भोजन और उपहार दिए जाते हैं।

गाय का धार्मिक महत्व केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। अन्य धर्मों में भी गाय को एक पवित्र पशु माना जाता है। जैन धर्म में गाय को सबसे महत्वपूर्ण पशु माना जाता है। जैन धर्म में गाय को हिंसा से बचाने का विशेष महत्व दिया जाता है।

गाय का सामाजिक महत्व

गाय का सामाजिक महत्व भी बहुत अधिक है। गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गाय के दूध, घी, गोबर, और मूत्र का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। गाय ग्रामीण लोगों को रोजगार भी प्रदान करती है।

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10 Lines On Cow: गाय के बारे में 10 लाइन और गाय के बारे में 10 रोचक तथ्य  

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  • Updated on  
  • मई 14, 2024

10 Lines On Cow in Hindi

गाय का भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व है। वे और पुराणों में भी गाय का जिक्र पढ़ने को मिलता है। गाय को भारतीय संस्कृति में एक पवित्र पशु माना जाता है। गाय की अलग अलग प्रजातियां पूरे विश्व में पाई जाती हैं। गाय एक पालतू जानवर है। यह भारत में घरों में पाले जाने वाले मुख्य पशुओं में से एक है। हिन्दू धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। इस कारण से अक्सर छोटे बच्चों से होमवर्क या असाइनमेंट के रूप में 10 लाइन लिखने के लिए दे दी जाती हैं। यहाँ 10 Lines On Cow in Hindi दी जा रही हैं ताकि इनकी मदद से छात्र गाय पर 10 लाइन का निबंध तैयार कर सकें। इसके साथ ही यहाँ गाय के बारे में 10 रोचक तथ्यों के बारे में बताया जा रहा है।

10 Lines On Cow in Hindi: गाय के बारे में 10 लाइन

यहाँ 10 Lines On Cow in Hindi दी जा रही हैं : 

  • गाय एक पालतू जानवर है। 
  • गाय दूध देती है।  
  • गाय का मुख्य भोजन हरा चारा, भूसा और चोकर आदि होता है।  
  • गाय के बच्चे को बछड़ा कहते हैं। 
  • गाय की बच्ची को बछिया कहते हैं।  
  • शास्त्रों में गाय के दूध को अमृत के समान बताया गया है।  
  • गाय के दूध से घी, मक्खन और पनीर आदि अनेक प्रकार के उत्पाद बनते हैं।  
  • गाय के गोबर से कंडे बनाए जाते हैं, जो कि सर्दियों में ईंधन का काम करते हैं। 
  • गाय के गोबर का प्रयोग खेतों में खाद के रुप में भी किया जाता है।  
  • गाय के मूत्र से कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां बनाई जाती हैं। 

यह भी पढ़ें : मदर्स डे पर 10 लाइन और माँ पर एक सुन्दर कविता 

10 Lines On Cow in Hindi: गाय के बारे में 10 रोचक तथ्य  

यहाँ 10 Lines On Cow in Hindi के तहत गाय शब्द की उत्पत्ति के बारे में बताया जा रहा है : 

  • गाय को रंगों की पहचान होती है।  गाय कला, सफ़ेद, हरा और सिलेटी रंग देखकर उन्हें पहचान सकती है।  
  • गाय की याद्दाश अच्छी होती है। उसे अपने घर का रास्ता हमेशा याद रहता है।  
  • गाय सामाजिक प्राणी होती हैं। 
  • गाय दूसरी गायों को सहेलियां भी बनाती हैं।  
  • गाय एक दिन में लगभग चार घंटे ही सोती है।  
  • गाय 360 डिग्री की दूरी तक देख सकती हैं।  
  • गाय को अपने बछड़े और बछिया से बहुत प्रेम होता है।  
  • गाय को एक बुद्धिमान पशु माना जाता है।  
  • गाय के दूध में औषधीय गुण होते हैं।  
  • गाय के दूध के अलावा गाय के मूत्र में भी औषधीय गुण होते हैं। 

संबंधित ब्लॉग्स

 
   

आशा है कि आपको 10 Lines On Cow in Hindi का यह ब्लॉग ज्ञानवर्द्धक लगा होगा। अन्य निबंध से संबंधित ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बने रहें। 

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Leverage Edu स्टडी अब्रॉड प्लेटफार्म में बतौर एसोसिएट कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं। अंशुल को कंटेंट राइटिंग और अनुवाद के क्षेत्र में 7 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वह पूर्व में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए ट्रांसलेशन ऑफिसर के पद पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने Testbook और Edubridge जैसे एजुकेशनल संस्थानों के लिए फ्रीलांसर के तौर पर कंटेंट राइटिंग और अनुवाद कार्य भी किया है। उन्होंने डॉ भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा से हिंदी में एमए और केंद्रीय हिंदी संस्थान, नई दिल्ली से ट्रांसलेशन स्टडीज़ में पीजी डिप्लोमा किया है। Leverage Edu में काम करते हुए अंशुल ने UPSC और NEET जैसे एग्जाम अपडेट्स पर काम किया है। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न कोर्सेज से सम्बंधित ब्लॉग्स भी लिखे हैं।

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The Cow Essay 10 Lines in English and Hindi for Class 1

the Cow Essay 10 lines in English/Hindi for Class 1 & 3 are given in this article. Essay on Cow, The cow is a useful domestic animal and is of great use to humanity

Essay on Cow

Table of Contents

Introduction: The cow, scientifically known as Bos taurus, is one of the most revered and beneficial animals in many cultures around the world. Its significance extends beyond its role as a source of nutrition to encompass its cultural, religious, and economic importance. In this essay, we will explore the various aspects of the cow, including its cultural and religious significance, its contribution to the economy, and its role in sustainable agriculture.

Cultural and Religious Significance:

  • Hinduism: In India, where Hinduism is the predominant religion, the cow holds a special place in the hearts of millions. It is considered sacred and worshipped as a symbol of motherhood and fertility. The cow is often associated with deities like Lord Krishna and Lord Shiva, and its protection is a major cultural and religious duty for many Hindus.
  • Buddhism: The cow is also revered in Buddhism, especially in Tibetan Buddhism. It symbolizes the virtue of gentleness and the importance of non-violence.
  • Other cultures: Beyond India and Tibet, the cow is respected in many other cultures as well. In some African and Middle Eastern societies, it symbolizes wealth and prosperity.

Economic Contribution:

  • Milk Production: Cows are primary sources of milk, which is a staple in the diet of many people worldwide. Milk is not only consumed as a beverage but is also used to make various dairy products like cheese, yogurt, and butter.
  • Leather and Textiles: The hides of cows are used in the production of leather goods, which includes shoes, bags, belts, and clothing. Cowhide is known for its durability and quality.
  • Agricultural Work: In some rural areas, cows are used for plowing fields and as a means of transportation, contributing to agricultural productivity.
  • Fertilizer: Cow dung is an excellent source of organic fertilizer, aiding in soil enrichment and promoting sustainable agriculture practices.

Sustainable Agriculture: Cows play a crucial role in sustainable agriculture due to their ability to convert plant matter, which humans cannot digest, into nutritious milk and meat. They are also vital for crop rotation and maintaining the nutrient balance in fields. Furthermore, their manure is a valuable resource for organic farming, reducing the reliance on chemical fertilizers.

Conclusion: The cow is not just an animal; it is a symbol of culture, religion, and economic sustainability in various parts of the world. Its significance goes beyond the dinner table, and its contribution to society is immeasurable. The cow’s role in providing food, leather, and aiding in sustainable agriculture demonstrates its value as a remarkable and beneficial creature on our planet.

The Cow Essay in Simple Words

Introduction: The cow is a remarkable animal that has been a part of human life for centuries. It is known for its gentle nature and provides us with many essential things. In this essay, we will learn about the cow in simple words.

  • Cows are large animals with four legs and a big body.
  • They usually have a gentle and friendly expression on their faces.
  • Cows come in different colors, such as brown, white, and black.
  • Cows are important for their milk, which we use to make various dairy products like milk, cheese, and yogurt.
  • They also provide us with leather, which is used to make shoes, bags, and other items.
  • In some cultures, cows are considered sacred and are worshipped.
  • Cows are herbivores, which means they eat plants.
  • They spend most of their day eating grass and other plants.
  • Their complex stomach helps them digest tough plant material.
  • Cows are known for their calm and peaceful behavior.
  • They usually live in groups called herds and are social animals.
  • Cows communicate with each other through sounds and body language.
  • Humans have been raising cows for thousands of years.
  • They are kept on farms and provide us with many essential products.
  • Farmers take care of cows by feeding them and providing shelter.
  • One of the primary reasons cows are kept is for their milk.
  • Milk is rich in nutrients like calcium and protein, making it an important part of our diet.
  • It is used to make a wide range of delicious foods and beverages.

Conclusion: In conclusion, the cow is a wonderful and valuable animal that plays a significant role in our lives. It provides us with milk, leather, and is known for its gentle nature. Cows have been domesticated for centuries, and they continue to be an essential part of agriculture and our daily lives. We should appreciate and care for these remarkable animals.

Cow Essay in English

The cow is one of the most helpful domestic animals and is very useful to humanity. It is also very important in Hindu mythology.

We have provided both lengthy and short essays for kids and students.

Cow Essay in English for students and kids, Essay on cows is a common topic for all age groups. In this article, you will get essays on cows for all age groups.

Essay writing is one of the most loved activities, especially among young school kids. Kids can use their imagination to put their thoughts into their essays, which is like a brain exercise for them. Adda247 offers essays on a variety of subjects that are covered in the examination for school.

Cow Essay 10 lines

10 Lines of The Cow Essay in English

  • The cow is a domestic animal that is regarded as helpful for the people.
  • We get milk, ghee, and cheese, and other dairy products from the cow.
  • It can be found worldwide in a variety of colors, patterns, and sizes.
  • Hindus always regard the cow as a holy animal in India, where they worship cows.
  • It has four legs, two pairs of ears and eyes, one large nose, two pointed horns, a long tail, and four ears.
  • It eats vegetables, grains, fresh grass, and husk.
  • Cow’s milk is healthy and very nourishing for human beings to consume.
  • Regularly consuming cow milk strengthens our immune system and makes our minds sharper.
  • A male cow called an ox is often used by farmers to plough fields and pull carts.
  • Cow dung is also used by people as fertilizer.

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The Cow Essay in English

The cow is a common domestic animal. Cows come in a variety of sizes, colors, and shapes across the world. There are more than a thousand different breeds of cow worldwide. The male cow is known as the Ox or Bull, and cows are female mammals. Like most animals, cows have two eyes and ears, a nose, a long tail, four legs, and two sharp horns. A male cow child is referred to as a “Calf,” whereas a female cow child is referred to as a “Heifer.” For a variety of reasons, including the production of milk and other dairy products from that milk, people keep cows in their homes. Additionally, cows are raised to pull carts or plough the land. They are friendly, peaceful creatures and caring creatures.

The Cow Essay 700+ words

A cow is one of the kindest and most lovable creatures, and it is a favourite among domestic animals all over the world! There are more than 1000 different varieties of cows, and they come in a wide range of colours, shapes, and sizes. Although white cows are the most common colour! The male cow is known as the Bull or Ox, and the cow is a female mammal. The male and female calves are referred to as “calf” and “heifer,” respectively. A cow has two sharp horns and a long tail, along with all the physical characteristics of other mammals.

One can find cows almost everywhere. They may live in towns, cities, or forests. They are mostly kept for milk on farms or in households. After that, they are utilised in villages to plough fields. Cows are mostly used to pull carts in towns and villages. Cows are milk-producing animals. Their milk is beneficial for humans and extremely rich in nutrients. It is regarded as the healthiest animal and its milk is advised for newborns and people who are ill. Other dairy products are made with milk from cows. Popular dairy products made from cow’s milk include curd, butter, buttermilk, cheese, and ghee.

Apart from cow milk, even cow dung has several uses. It is used in the production of biogas and renewable energy. The productivity of the crops is increased by using natural fertiliser generated from cow dung. Additionally, it is used to create cow dung cakes, which are used as cooking fuel in rural regions.

The cow is a domestic animal.   Cows are one the most innocent and harmless animals.   Many people keep cows in their homes for many reasons.   The cow is four-footed with a large body.   It has two ears, two horns and two eyes.   Cows are herbivorous animals.   They can be used for many purposes.   Farmers and people both keep cows at home for the same reasons.

It is important to remember that milk comes from cows.   They provide milk to all people.   We can stay strong and healthy by drinking milk from cows.   Many illnesses can be prevented by milk.   It also improves our immune systems.   Many products are also made from milk, such as butter, cream and curd, including cheese.

You can use cow dung for many purposes.   It is used as a rich fertilizer.   Cow dung can also be used to produce biogas and fuel.   Cow dung can also be used to repel insects.   People also use cow dung as a building material and raw material to make paper.

Next, we will see why cow leather is the most popular type of leather.   It is used for soles, shoes and belts.   Cow leather accounts for between 60 and 70% of all leather production worldwide. We can see that almost every part of a cow is useful to mankind.   It is a very important part of the Hindu religion.

There are many cows in India that are neglected.   They wander around the roads, which can lead to many diseases.   They are also at risk of getting into accidents that could result in their death.   The government and people must take necessary steps to ensure that the cows are kept safe so that they don’t get hurt on a daily basis.

The Cow Essay in Hindi 10 lines

छात्रों और बच्चों के लिए अंग्रेजी में गाय निबंध, गायों पर निबंध सभी आयु समूहों के लिए एक सामान्य विषय है। इस लेख में, आप सभी आयु समूहों के लिए गायों पर निबंध प्राप्त करेंगे।

गाय निबंध की 10 पंक्तियाँ 

गाय एक घरेलू जानवर है जिसे लोगों के लिए मददगार माना जाता है। गाय से हमें दूध, घी और पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद मिलते हैं। यह दुनिया भर में विभिन्न रंगों, पैटर्न और आकारों में पाया जा सकता है। भारत में हिंदू हमेशा गाय को एक पवित्र जानवर मानते हैं, जहां वे गायों की पूजा करते हैं। इसके चार पैर, दो जोड़ी कान और आंखें, एक बड़ी नाक, दो नुकीले सींग, एक लंबी पूंछ और चार कान होते हैं। यह सब्जियां, अनाज, ताजी घास और भूसी खाता है। गाय का दूध स्वस्थ और मनुष्य के उपभोग के लिए बहुत ही पौष्टिक होता है। नियमित रूप से गाय के दूध का सेवन करने से हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और हमारा दिमाग तेज होता है। बैल नामक एक नर गाय का उपयोग अक्सर किसान खेतों की जुताई और गाड़ियाँ खींचने के लिए करते हैं। गाय के गोबर का उपयोग लोग खाद के रूप में भी करते हैं।

Short Cow Essay in Hindi for Class 1, 2, 3

गाय एक सामान्य घरेलू पशु है। गाय दुनिया भर में कई प्रकार के आकार, रंग और आकार में आती हैं। दुनिया भर में गाय की एक हजार से अधिक विभिन्न नस्लें हैं। नर गाय को बैल या बैल के रूप में जाना जाता है, और गाय मादा स्तनधारी हैं। अधिकांश जानवरों की तरह, गायों के भी दो आंख और कान, एक नाक, एक लंबी पूंछ, चार पैर और दो तेज सींग होते हैं। एक नर गाय के बच्चे को “बछड़ा” कहा जाता है, जबकि एक मादा गाय के बच्चे को “बछिया” कहा जाता है। उस दूध से दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के उत्पादन सहित कई कारणों से लोग गायों को अपने घरों में रखते हैं। इसके अतिरिक्त, गायों को गाड़ियाँ खींचने या भूमि जोतने के लिए पाला जाता है। वे मिलनसार, शांतिपूर्ण प्राणी और देखभाल करने वाले प्राणी हैं।

Cow Essay in Hindi

गाय सबसे दयालु और सबसे प्यारे जीवों में से एक है, और यह पूरी दुनिया में पालतू जानवरों के बीच पसंदीदा है! गायों की 1000 से अधिक विभिन्न किस्में हैं, और वे रंगों, आकारों और आकारों की एक विस्तृत श्रृंखला में आती हैं। हालांकि सफेद गाय सबसे आम रंग हैं! नर गाय को बैल या बैल के रूप में जाना जाता है, और गाय मादा स्तनपायी है। नर और मादा बछड़ों को क्रमशः “बछड़ा” और “बछिया” कहा जाता है। एक गाय के दो नुकीले सींग और एक लंबी पूंछ होती है, साथ ही अन्य स्तनधारियों की सभी शारीरिक विशेषताएं भी होती हैं।

लगभग हर जगह गाय मिल जाती है। वे कस्बों, शहरों या जंगलों में रह सकते हैं। इन्हें ज्यादातर खेतों में या घरों में दूध के लिए रखा जाता है। उसके बाद, उनका उपयोग गांवों में खेतों की जुताई के लिए किया जाता है। कस्बों और गांवों में गायों का इस्तेमाल ज्यादातर गाड़ियां खींचने के लिए किया जाता है। गाय दुग्ध उत्पादक प्राणी हैं। इनका दूध इंसानों के लिए फायदेमंद और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे सबसे स्वास्थ्यप्रद जानवर माना जाता है और इसके दूध की सलाह नवजात शिशुओं और बीमार लोगों को दी जाती है। अन्य डेयरी उत्पाद गायों के दूध से बनाए जाते हैं। गाय के दूध से बने लोकप्रिय डेयरी उत्पादों में दही, मक्खन, छाछ, पनीर और घी शामिल हैं।

गाय के दूध के अलावा गाय के गोबर के भी कई उपयोग हैं। इसका उपयोग बायोगैस और नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन में किया जाता है। गाय के गोबर से उत्पन्न प्राकृतिक खाद के प्रयोग से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, इसका उपयोग गोबर के उपले बनाने के लिए किया जाता है, जिनका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के ईंधन के रूप में किया जाता है।

गाय एक घरेलू पशु है। गाय सबसे मासूम और हानिरहित जानवरों में से एक है। कई लोग कई कारणों से गायों को अपने घरों में रखते हैं। गाय बड़े शरीर वाली चार पैरों वाली होती है। इसके दो कान, दो सींग और दो आंखें हैं। गाय शाकाहारी जानवर हैं। इनका उपयोग कई उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। किसान और लोग दोनों एक ही कारण से गायों को घर पर रखते हैं।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि दूध गायों से आता है। वे सभी लोगों को दूध उपलब्ध कराते हैं। गाय का दूध पीने से हम मजबूत और स्वस्थ रह सकते हैं। दूध से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाता है। दूध से कई उत्पाद भी बनाए जाते हैं, जैसे पनीर सहित मक्खन, मलाई और दही।

गाय के गोबर का इस्तेमाल आप कई कामों में कर सकते हैं। यह एक समृद्ध उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जाता है। गाय के गोबर का उपयोग बायोगैस और ईंधन के उत्पादन के लिए भी किया जा सकता है। गाय के गोबर का उपयोग कीड़ों को भगाने के लिए भी किया जा सकता है। लोग गाय के गोबर का उपयोग भवन निर्माण सामग्री और कागज बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में भी करते हैं।

आगे, हम देखेंगे कि क्यों गाय का चमड़ा सबसे लोकप्रिय प्रकार का चमड़ा है। इसका उपयोग तलवों, जूते और बेल्ट के लिए किया जाता है। दुनिया भर के सभी चमड़े के उत्पादन में गाय का चमड़ा 60 से 70% के बीच होता है। हम देख सकते हैं कि गाय का लगभग हर अंग मानव जाति के लिए उपयोगी है। यह हिंदू धर्म का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत में बहुत सी ऐसी गायें हैं जिनकी उपेक्षा की जाती है। वे सड़कों पर घूमते हैं, जिससे कई बीमारियां हो सकती हैं। उनके साथ दुर्घटना होने का भी खतरा होता है जिससे उनकी मौत भी हो सकती है। सरकार और लोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए कि गायों को सुरक्षित रखा जाए ताकि उन्हें दैनिक आधार पर चोट न लगे।

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10 Lines on Cow in Hindi | गाय पर 10 लाइन (वाक्य)

10 Lines on Cow in Hindi

10 Lines on Cow in Hindi for Class 1, 2, 3, 4, 5 & 6 | गाय पर 10 लाइन (वाक्य)

गाय एक पालतू पशु है।

गाय के चार पैर, दो आंखें, दो कान, दो सींग और एक पूंछ होती है।

गाय शाकाहारी होती हैं।

गाय घास, भूसा, पत्ते और अनाज खाकर अपना पेट भरती है।

गाय के बच्चे को बछड़ा कहा जाता है।

गायों को दूध और मांस के लिए पाला जाता है।

गाय हमें दूध देती है, जो हमारे लिए बहुत फायदेमंद होता है।

गाय तैर सकती हैं।

गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है।

गाय का दूध बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

गाय के दूध का उपयोग चाय, दही, मक्खन, घी, मिठाई और अन्य लोकप्रिय व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है।

लोग गाय के गोबर का उपयोग बायोगैस और जैविक खाद के रूप में करते हैं।

दुनिया भर में गाय की कई नस्लें पाई जाती हैं।

एक गाय की औसत आयु 15 से 25 वर्ष होती है।

भारत में वैदिक काल से ही गाय का महत्व रहा है।

गायों को पहली बार लगभग 10,000 साल पहले पालतू बनाया गया था।

10 Lines on Cow in English

The cow is a domesticated animal.

A cow has four legs, two eyes, two ears, two horns and a tail.

A baby cow is called a calf. 

The cow is the term for female cows, while the bull is for males.

Cows are herbivores.

Cows eat grass, plants, husk, leaves and grains.

Cows are found on every continent except Antarctica.

Cows are reared for milk and meat.

Cows are also known as cattle.

Cows can swim.

Cows are social animals.

People use cow’s dung as biogas and organic fertilizer.

A group of cows is called a ‘herd’.

Cows have a strong sense of smell.

The cow is considered sacred in Hinduism.

Cows have a four-chambered stomach.

Cow fills its stomach by eating grass, leaves and grains.

Cow’s milk is used to make tea, curd, butter, ghee, sweets and other popular dishes.

Regular consumption of cow’s milk strengthens our immune system and sharpens our brains.

The average lifespan of a cow is 15 to 25 years.

Cows have first domesticated about 10,000 years ago.

10 Lines on Cow in Hindi | गाय पर 10 लाइन

गाय एक पालतू जानवर है।

गाय के चार पैर, दो सींग, दो आंखें और एक पूंछ होती है।

गाय शाकाहारी होती है।

गाय घास, पत्ते और अनाज खाती हैं।

गाय हमें दूध देती है।

गाय के दूध का नियमित रूप से सेवन करने से हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और हमारा दिमाग तेज होता है।

गाय अंटार्कटिका को छोड़कर लगभग पूरी दुनिया में पाई जाती हैं।

हिन्दू गाय को ‘माता’ (गौमाता) कहते हैं।

भारत में, गायों को पवित्र माना जाता है और उनके दूध का व्यापक रूप से सेवन किया जाता है।

गायों को मांस, दूध और खाल के लिए पाला जाता है।

गाय के गोबर का उपयोग प्राकृतिक खाद के रूप में किया जाता है।

शास्त्रों में गाय को पूजनीय बताया गया है।

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